राजधानी दिल्ली की कई जगहों में इन दिनों लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देने के लिए एक नया गैंग सक्रिय है। इसे 'ठकठक गैंग' के नाम से जाना जाता है। इस गैंग के सदस्य चारपहिया वाहनों पर सवार लोगों को शिकार बनाते हैं। बिल्कुल सामान्य लोगों की तरह दिखने के कारण इस गैंग के सदस्यों को पहचानना बहुत मुश्किल होता है। ठकठक गैंग के ये लोग कल को आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को भी शिकार बना सकते हैं, इसलिए हम आपको बता रहे हैं वो पांच तरीके जिसका इस्तेमाल करके ठकठक गैंग लूटपाट करते हैं-
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Thak Thak gang
- फोटो : Social Media
यह गैंग एक खास प्लान के तहत काम करता है। यह बदमाश अक्सर बाइक पर सवार होकर किसी ऐसे व्यक्ति को निशाना बनाते हैं, जो अकेले कार चला रहा हो। महिला सवारी होने पर इनका काम और भी आसान हो जाता है। वो काफी देर तक कार का पीछा करते हैं और उसमें सवार शख्स के हाव-भाव को भांपते हैं। वे इस तरह से पीछा करते हैं कि आप उन्हें देखकर भी अंदाजा नहीं लगा पाएंगे कि वो ठकठक गैंग के सदस्य हैं।
इसके बाद वो धीरे से अपनी बाइक को कार के बराबर लाते हैं और कुछ सेकंड से अंदर किसी तरह का इशारा करते हैं, जिससे कार चालक का ध्यान उनकी तरफ आकर्षित हो। वे अक्सर ऐसे इशारे करते हैं जिससे कार सवार को लगे कि वो उन्हें आगाह कर रहे हैं। बाइक सवार बदमाशों का मकसद यह होता है कि किसी तरह कार सवार अपनी गाड़ी का शीशा नीचे करे।
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Thak Thak gang
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इसके लिए वो मौका पाकर बेहद सामान्य तरीके से पहले गाड़ी के शीशे को ठकठकाते हैं और उसके बाद इशारे में टायर पंचर होने की बात कहते हैं। या फिर बदमाश कार सवार को पिछले शीशे के टूटे होने का इशारा भी करते हैं। महिला चालक होने पर उनका काम और भी आसान हो जाता है। कार के शीशे को ठकठका कर बदमाश महिला को इशारा कर के बताते हैं कि उनके कपड़े या उनका दुपट्टा कार के दरवाजे में फंसा हुआ है।
ऐसे इशारों से स्वभाविक रूप से कार सवार व्यक्ति या महिला का ध्यान उनकी बातों पर चला जाता है। उन्हें पता नहीं होता कि इशारा करने वाला कोई और नहीं बल्कि ठकठक गैंग का सदस्य है, इसलिए वे झांसे में आकर अपनी कार का शीशा नीचे कर देते हैं। बस फिर क्या, कार का शीशा खुला तो समझिए ठकठक गैंग ने अपना काम कर लिया। शीशा खुलते ही वे अंदर बैठे शिकार पर झपट जाते हैं और पलक झपकते ही सारा सामान लूट कर फरार हो जाते हैं।