चुनाव की सरगर्मी तेज, दिलचस्प होगी सियासी जंग
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चुनाव आचार संहिता की घोषणा के साथ ही सियासी और प्रशासनिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस बार का लोकसभा चुनाव पिछले सारे चुनावों से अलग होने की संभावना है। इसके लिए पहले से ही सियासी जमीन तैयार हो रही है।
गुड़गांव लोकसभा सीट पर हमेशा कांग्रेस का दबदबा रहा है। 1951 से 2009 तक ज्यादातर कांग्रेसी ही यहां से चुनाव जीते। तीन बार लोकसभा चुनाव जीतने और पिछली बार कांग्रेस की विजय पताका फहराने वाले राव इंद्रजीत सिंह अब भाजपा में हैं।
उनके कांग्रेस छोड़ने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस अपनी जीत बरकरार रख पाती है या नहीं।
बीजेपी से कटेगा राव इंद्रजीत का टिकट!
गुड़गांव सीट से राव इंद्रजीत को भाजपा से टिकट मिलने की चर्चा के साथ ही कई अन्य दावेदार भी टिकट के लिए ताल ठोक रहे हैं।
इस सूची में भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी का नाम भी शामिल हो गया है। भाजपा ने इंद्रजीत को यहां से चुनाव लड़ाया तो उनका मुकाबला कांग्रेस के अपने किसी पुराने साथी से ही होगा।
पिछले चुनाव में राव इंद्रजीत सिंह को कड़ी टक्कर देने वाले चौधरी जाकिर हुसैन इस बार चुनाव समर में नहीं हैं। उन्होंने पिछला चुनाव बसपा की टिकट पर लड़ा था। अब वह इनेलो में हैं। संकेत मिल रहे हैं कि इनेलो जाकिर की जगह यहां से अपने किसी और नेता को उतारने की तैयारी में है।
पहली बार मैदान में होगा तीसरा खिलाड़ी
अब तक के चुनावों में गुड़गांव सीट पर दो पार्टियों के बीच सीधी टक्कर होती रही है। पहली बार किसी तीसरी पार्टी को लेकर कर माहौल तैयार हो रहा है।
आम आदमी पार्टी ने यहां से अपने रणनीतिकार योगेंद्र यादव को प्रत्याशी बनाया है। उन्होंने अपना चुनाव प्रचार अभियान भी शुरू कर दिया है। पिछले एक पखवाड़े से वह लगातार कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं।
संभावित उम्मीदवार सोशल साइट के माध्यम से भी अपने प्रचार में लगे हुए हैं। बीजेपी एसएमएस के जरिए मोबाइल पर मोदी के कॉलर ट्यून तक उपलब्ध करा रही है। आम आदमी पार्टी की साइबर सेल भी वाट्स एप और एसएमएस के जरिए अधिक सक्रिय नजर आ रही है।