फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Loknayak Hospital to research the side effects of medicines in Corona patients

कोरोना मरीजों में दवाइयों के दुष्प्रभाव पता करेगा लोकनायक अस्पताल, सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही एचसीक्यू भी है शामिल

Wed, 16 Dec 2020 01:30 AM IST
Vikas Kumar Vikas Kumar
Updated Wed, 16 Dec 2020 01:30 AM IST
विज्ञापन
Loknayak Hospital to research the side effects of medicines in Corona patients
लोक नायक जय प्रकाश अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को इस समय कई तरह की दवाएं उपचार के जरिए दी जा रही हैं लेकिन इनमें से कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव भी देखने को मिल रहे हैं। इन्हीं दुष्प्रभावों की जानकारी और एकत्रित करने के लिए दिल्ली के सबसे बड़े कोविड अस्पताल ने एक चिकित्सीय अध्ययन करने का फैसला लिया है। 

विज्ञापन


लोकनायक अस्पताल ने एक हजार से भी अधिक संक्रमित मरीजों में दवाओं के दुष्प्रभाव जानने के लिए अध्ययन शुरू किया है। इसमें इवेरमेक्टिन से लेकर भारत में सबसे ज्यादा सुर्खियों में रही एचसीक्यू दवा तक शामिल है। डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों में दुष्प्रभाव ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। जबकि कुछ में पता ही नहीं चल पा रहा है। ऐसे में दवाओं के दुष्प्रभावों को लेकर विस्तृत जानकारी एकत्रित करना बेहद जरूरी है। 
विज्ञापन


अस्पताल के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि दिल्ली सहित पूरे देश में कोविड उपचार प्रोटोकॉल के तहत आपातकालीन स्थिति में दवाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। अब तक कई तरह के अध्ययन सामने आ चुके हैं। इनमें सभी के परिणाम लगभग समान हैं। कोरोना संक्रमण से राहत देने वाली कोई दवा बाजार में उपलब्ध नहीं है। ऐसे में यह जरूरी है कि किन किन दवाओं के दुष्प्रभाव मरीजों को ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस अध्ययन में संक्रमित मरीजों के साथ साथ अस्पताल से डिस्चॉर्ज होने के बाद पोस्ट कोविड दुष्प्रभाव झेलने वालों को भी शामिल किया जाएगा। डॉक्टरों का कहना है कि कई बार मरीजों में अस्पताल से छुट्टी लेने के बाद दुष्प्रभाव दिखाई देते हैं। जबकि कुछ में शुरुआती दिनों में ही पता चल जाता है। 

क्लीनिकल ट्रायल रजिस्ट्री ऑफ इंडिया में इस अध्ययन को पंजीकृत किया जा चुका है। अस्पताल के फॉर्माकोलॉजी विभाग के डॉ. भूपिंदर सिंह कालरा की निगरानी में यह अध्ययन शुरू किया जा रहा है। एक से 90 वर्ष तक की आयु के मरीजों का अलग अलग समूह बनाकर अध्ययन किया जाएगा। करीब छह माह में अध्ययन के परिणाम सामने आ सकते हैं। 


अध्ययन के दौरान आरटी पीसीआर जांच में संक्रमित मिले मरीजों को इसकी जानकारी देने और अनुमति लेने के बाद ही उन्हें पंजीकृत किया जाएगा। दरअसल कोरोना वायरस को लेकर दिल्ली सरकार के सबसे बड़े लोकनायक कोविड अस्पताल में अब तक आधा दर्जन चिकित्सीय अध्ययन शुरू हो चुके हैं। इसमें कुछ अध्ययन ऐसे भी हैं जो लोकनायक के साथ साथ दिल्ली एम्स में भी चल रहे हैं। इसमें कोरोना वायरस के टीका से लेकर उपचार, जांच इत्यादि तक शामिल है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed