Delhi Congress Candidates : लवली, अलका और उदित हो सकते हैं प्रत्याशी, आज होने वाली बैठक में लग सकती है मुहर
इंडी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व आप दिल्ली में मिलकर चुनाव लड़ रही है। समझौते के तहत कांग्रेस के हिस्से में चांदनी चौक, उत्तर पश्चिम व उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र आए हैं।
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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी ने इंडी गठबंधन के तहत अपने हिस्से में आई तीनों सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर दिए हैं। पार्टी हाईकमान के निर्देश पर कमेटी ने तीनों सीटों पर एक-एक नेता के नामों पर मुहर लगाई है। हालांकि, समिति ने पहले तीनों सीटों पर दो-दो नेताओं के नाम भेजे थे, मगर केंद्रीय चुनाव समिति ने प्रदेश की स्क्रीनिंग कमेटी की सूची पर विचार करने से इनकार करते हुए एक-एक नेता का नाम भेजने का निर्देश दिया था। इसके तहत प्रदेश स्क्रीनिंग कमेटी ने तीनों सीटों पर एक-एक नाम तय किया है।
इंडी गठबंधन में शामिल कांग्रेस व आप दिल्ली में मिलकर चुनाव लड़ रही है। समझौते के तहत कांग्रेस के हिस्से में चांदनी चौक, उत्तर पश्चिम व उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र आए हैं। सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस की स्क्रीनिंग कमेटी की रविवार की शाम बैठक में चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक अलका लांबा, उत्तर-पश्चिम दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से पूर्व सांसद उदित राज व उत्तर-पूर्वी लोकसभा क्षेत्र से प्रदेश अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली के नाम तय किए हैं। संभवत कांग्रेस की केंद्रीय चुनाव समिति की सोमवार को होने वाली बैठक में इन नेताओं के नामों पर मुहर लग जाएगी।
अलका लांबा पहले कांग्रेस में थी, लेकिन वर्ष 2014 में वह आम आदमी पार्टी में शामिल हो गई थीं। वह वर्ष 2015 में आप के टिकट पर चांदनी चौक विधानसभा क्षेत्र से विधायक बनी थीं, लेकिन वर्ष 2019 में आप नेताओं से विवाद होने पर वह कांग्रेस में लौट आईं और वर्ष 2020 में वह कांग्रेस के टिकट पर चांदनी चौक क्षेत्र से विधायक का चुनाव लड़ीं। इस दौरान उनको हार का सामना करना पड़ा था।
वहीं, नौकरशाह रहे उदित राज ने वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले अपनी इंडियन जस्टिस पार्टी का भाजपा में विलय कर दिया था। वे वर्ष 2014 में भाजपा के टिकट पर उत्तर पश्चिम दिल्ली से सांसद चुने गए थे, लेकिन वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा से टिकट न मिलने पर वह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
शीला सरकार में मंत्री रहे अरविंदर सिंह लवली ने वर्ष 2017 के एमसीडी चुनाव के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन से टकराव होने पर कांग्रेस छोड़ दी थी और वह भाजपा में शामिल हो गए थे, मगर करीब एक साल बाद वह कांग्रेस में लौट आए थे और उन्होंने वर्ष 2019 में पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा। उन्हें इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था।