दूर हुई दिलों की दूरियां, टिकट के दावेदार मंच पर बने जनरल के ‘पैरोकार’
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मतदान से पहले भाजपा दिलों की दूरियां खत्म करने में जुटी है। पार्टी उन सभी असंतुष्टों को मनाने में लगी है जो किसी न किसी रूप में नाराज हैं या अभी तक जिन्हें पूछा नहीं जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मंच पर इसकी झलक देखने को मिली। पुराने खाटी नेताओं को मंच पर जगह दी गई और कुछ नेताओं को संबोधित करने का मौका भी मिला। खासकर उन नेताओं को जो टिकट न मिलने से नाराज चल रहे थे।
मंच की आगे की लाइन में मुख्यमंत्री के साथ मौजूदा विधायकों, मेयर व कुछ वरिष्ठ पदाधिकारियों को बैठाया गया था तो उसके पीछे की पंक्ति में चार बार के सांसद रह चुके डॉ. रमेश चंद तोमर, पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी, पार्टी के पुराने नेता ब्रजपाल तेवतिया, पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी, खोड़ा नगर पालिका चेयरमैन रीना भाटी आदि को बैठने का अवसर दिया गया। इसमें से सिर्फ डॉ. रमेश चंद तोमर और ब्र्रजपाल तेवतिया को मंच के माध्यम से अपनी बात रखने का भी अवसर दिया गया। जबकि पूर्व मंत्री राजपाल त्यागी व अन्य नेता अपनी बार का इंतजार करते रह गए।
मंच पर बैठाने से लेकर दोनों नेताओं के संबोधन के जरिए पार्टी ने कहीं न कहीं यह संदेश देने की कोशिश की कि चुनाव के मैदान में सब एक हैं और जनरल वीके सिंह के समर्थन में खड़े हैं। पार्टी के अंदर किसी भी तरह की कोई नाराजगी या खींचतान नहीं है। जैसा की टिकट न मिलने के बाद कयास लगाया जा रहा था। डॉ. रमेश चंद तोमर आलाकमान से जनरल वीके सिंह की जगह अपने लिए टिकट मांग रहे थे। वहीं ब्रजपाल तेवतिया ने भी अपनी दावेदारी पेश की थी। माना जा रहा था कि दोनों नेता टिकट न मिलने से नाराज हैं, जिसको लेकर पार्टी के अंदर व बाहर लगातार चर्चा भी हो रही थी। आशंका जताई जा रही थी कि उनकी इस नाराजगी का चुनाव में जनरल वीके सिंह को खामियाजा भी उठाना पड़ सकता था। दोनों नेताओं को महानगर अध्यक्ष मानसिंह गोस्वामी ने मंच पर आमंत्रित किया।
शहीदों की जमीन से योगी ने हर नब्ज पर रखा हाथ
घंटाघर रामलीला मैदान की चुनावी रैली में सीएम योगी ने पश्चिमी यूपी के जवानों के परिवारों की हर नब्ज पर हाथ रखकर विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, सपा और बसपा शहीदों को अपमानित और राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर खिलवाड़ कर रहा है।
गाजियाबाद में पहले चरण में ही चुनाव होना है। सभी दलों की राजनीति यूपी पर टिकी है। सीएम ने पुलवामा हमले में गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के शहीद जवानों के जरिये विपक्ष पर निशाना साधा। यहां के बड़ी संख्या में युवा सेना व अर्द्धसैनिक बलों में हैं। पिछले दिनों पुलवामा हमले व उसके बाद आतंकियों के साथ हुई मुठभेड़ में तीन जवान शहीद हुए थे। इनमें पतला निवासी जवान विनोद और बसा टिकरी निवासी अजय आतंकी हमले में शहीद हुए थे।
गाजियाबाद में रह रहे शामली निवासी प्रदीप भी शहीद हुए थे। विपक्ष ने हमले पर सवाल उठाए तो भाजपा शहीदों की शहादत के साथ इसे खिलवाड़ बताकर हर मंच से घेरने में लगी है। रविवार को सीएम योगी ने कांग्रेस, बसपा और सपा पर मंच से जमकर जुबानी हमले किए। उन्होंने विपक्ष को राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाला और शहीदों के परिवार और देश व प्रदेश की जनता को अपमानित करने वाला बताया। उन्हें लगता है युवा 2014 की तर्ज पर राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उसे वोट करेंगे। इसलिए भाजपा नेताओं के भाषणों में सर्जिकल व एयर स्ट्राइक सबसे ज्यादा उठाए जाने वाला मुद्दा है।