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कौन सा नेता कितना मजबूत, बता देंगे उनके बूथ, नेताओं का कद और भविष्य तय करेंगे लोकसभा चुनाव के नतीजे 

Wed, 22 May 2019 06:47 AM IST
देव कश्यप जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
जेपी शर्मा, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Published by: देव कश्यप Updated Wed, 22 May 2019 06:47 AM IST
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Lok Sabha Chunav 2019: Results of Lok Sabha elections will determine the future of many leaders

पहले चरण में मतदान और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार 23 मई नतीजों का दिन भी करीब आ गया है। गौतमबुद्ध नगर सीट पर रोचक मुकाबला होने के कारण न केवल प्रत्याशी बल्कि उनके समर्थकों की धड़कनें भी निश्चित ही बढ़ने लगी हैं। सीट पर कौन सी पार्टी या प्रत्याशी जीतेगी, ये जानने को सभी उत्सुक हैं। इसके अलावा राजनीति के जानकारों, प्रत्याशियों के समर्थकों की सबसे अधिक दिलचस्पी यह जानने में है कि किस पार्टी का कौन सा नेता अपने क्षेत्र व बूथ में पार्टी को अधिक वोट दिलाने मेें कामयाब रहा या फिर किसकी पकड़ वाले बूथ पर पार्टी कमजोर रही। इस सवाल के जवाब से ही लोकसभा क्षेत्र के कई नेताओं का कद व भविष्य तय होगा।

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गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट पर इस पर रोचक मुकाबला होने के कई कारण रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण था कि सभी मुख्य पार्टियों को किसी न किसी तरह के विरोध और भितरघात का सामना करना पड़ा। ये तय मान लीजिये कि मतदाताओं भरोसा जीतने के साथ जिस पार्टी व प्रत्याशी ने विरोध और भितरघात पर अधिक नियंत्रण पा लिया होगा, जीत भी उसी की होने वाली है। एग्जिट पोल के बाद इस सीट की रोचकता और बढ़ गई है।
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अधिकांश एग्जिट पोल के मुताबिक, देश के साथ उत्तर प्रदेश में भाजपा ही बड़ी पार्टी बनने वाली है, लेकिन किसी भी ने गठबंधन को भी नहीं नकारा है। एक एग्जिट पोल के मुताबिक, तो गठबंधन प्रदेश में पूरी तरह हावी रहा है। ऐसे में उन नेताओं पर एक बार फिर सभी पार्टियों की नजर ग गई है। जिन पर प्रत्याशियों ने पार्टी के पक्ष में वोट दिलाने का भरोसा किया था। वहीं, ऐसे प्रत्याशी भी सभी पार्टियों के रडार पर हैं। जिनसे भितरघात की आशंका है। 

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इन क्षेत्रों के मतदान पर रहेगी विशेष नजर

नोएडा विधानसभा
यादव बाहुल्य वाले सर्फाबाद, बहलोलपुर, गढ़ी चौखंडी, सोरखा, होशियारपुर
सपा जिलाध्यक्ष वीर सिंह यादव सर्फाबाद के ही रहने वाले हैं, भाजपा नेता सतपाल यादव की यादव बाहुल्य क्षेत्र में पकड़ हैं लेकिन स्वास्थ्य कारणों से वह अधिक सक्रिय नहीं रहे लेकिन उनके बेटे भाजपा के जिला महामंत्री चंदीग्राम यादव सक्रिय थे। 

दादरी विधानसभा
बसपा सुप्रीमो मायावती का घर बादलपुर, कचेड़ा, दुजाना, सादोपुर, जौनसिवाना आदि गांव। दादरी के भाजपा विधायक तेजपाल नागर की गुर्जर कॉलोनी, आकलपुर व अन्य पकड़ वाले गांव। चिटहेरा गांव, भाजपा नेता सुभाष भाटी, बिजेंद्र सिंह पूर्व जिला पंचायत चेयरमैन (चुनाव से पूर्व भाजपा में शामिल हुए) का गांव बौड़ाकी व अन्य पकड़ वाले क्षेत्र, तिलपता गांव भाजपा नेता बलराज भाटी। 

जेवर विधानसभा
ठाकुर धीरेंद्र सिंह जेवर के भाजपा विधायक के कस्बे रबूपुरा के बूथ, मिर्जापुर (यहां भाजपा प्रत्याशी का विरोध हुआ था), अनवरगढ़, पूर्व विधायक वेदराम भाटी (चुनाव से पूर्व बसपा से भाजपा में शामिल हुए) का गांव गिरधरपुर और उनके पकड़ वाले खेरली, मंडी श्यामनगर आदि आसपास के गांव।  भाजपा नेता वीरे कसाना का सलारपुर गांव।

सिकंदराबाद विधानसभा
सिकंद्राबाद-गुलावठी में यादवों का गढ़ माना जाने वाले चौबीसी क्षेत्र के गांव, सपा के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर और विधायक विमला सोलंकी की पकड़ वाले सभी गांव। 

खुर्जा विधानसभा

राजपूतों का गढ़ माने जाने वाले अरनिया ब्लॉक के अधिकांश गांव, जाट बेल्ट माने जाने वाले खुर्जा जंक्शन-जेवर मार्ग के कई गांव। शहर के मुस्लिम इलाके जहां स्थानीय गठबंधन व कांग्रेस से जुड़े स्थानीय मुस्लिम नेताओं ने मतदाताओं का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए मशक्कत की। पूर्व विधायक होराम सिंह की पकड़ वाले क्षेत्र व बूथ (विशेष तौर पर उनकी पंचायत वाले किला मेवई, नेहरुपुर और चंद्रलोक कॉलोनी)।

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