चुनाव प्रचार में 50 फीसदी भी नहीं खर्च कर पाए नेताजी!
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गौतमबुद्घ नगर लोकसभा सीट के सभी प्रत्याशियों ने चुनाव प्रचार के दौरान होने वाले खर्च का ब्यौरा निर्वाचन विभाग को सौंप दिया है।
चुनाव आयोग के डर से प्रत्याशियों के चुनावी खर्च की रफ्तार धीमी ही रही। जिसका असर चुनाव प्रचार से लेकर प्रत्याशी के हर काम में भी देखने को मिला।
बता दें कि इस बार चुनाव आयोग ने चुनावी खर्च की सीमा को बढ़ाकर 70 लाख रुपये कर दिया था। लेकिन गौतमबुद्घ नगर के प्रत्याशियों ने आयोग को जो आंकड़ा बताया है वह वाकई चौंकाने वाला है।
सपा उम्मीदवार सबसे आगे
आयोग की सख्ती के डर से इस सीट का कोई भी प्रत्याशी निर्धारित राशि का 50 प्रतिशत भी नहीं खर्च कर पाया है। बड़ी पार्टियों में खर्च के मामले में सपा प्रत्याशी सबसे आगे व AAP प्रत्याशी सबसे पीछे रहे हैं।
सभी पार्टियों के प्रत्याशियों ने मतदान होने से पहले ही चुनावी खर्च का पूरा ब्यौरा निर्वाचन विभाग को सौंप दिया है। जिसमें सपा प्रत्याशी नरेन्द्र भाटी ने 24 लाख 93 हजार 689 रुपये खर्च कर सबसे आगे हैं।
वहीं भाजपा के प्रत्याशी डॉ. महेश शर्मा 24 लाख 5 हजार 587 रुपये खर्च कर दूसरे स्थान पर हैं। बसपा प्रत्याशी सतीश अवाना ने 15 लाख 71 हजार 535 रुपये खर्च किए हैं। जबकि AAP के प्रत्याशी ने 15 लाख रुपये के करीब खर्चा दर्शाया है।
आयोग ने बताया तोमर का खर्च
कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में उतरे रमेश चंद तोमर चुनावी खर्च का ब्यौरा दिए बिना ही भाजपा में शामिल हो गए थे।
हालांकि निर्वाचन विभाग ने कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन दाखिल करने से लेकर भाजपा में शामिल होने तक का खर्च करीब 12 लाख 51 हजार रुपये तय किया है। निर्वाचन विभाग ने इस चुनावी खर्च को उनके खाते में डाल कर नोटिस थमा दिया है।