{"_id":"5ef823688ebc3e433e4cbb85","slug":"locusts-attack-in-greater-noida-rabupura-gautambuddh-nagar-and-goes-to-bulandshahr","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Locust Attack in Noida: जिले में डेढ़ घंटे तक मंडराया टिड्डी दल, मुस्तैदी से बची फसल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Locust Attack in Noida: जिले में डेढ़ घंटे तक मंडराया टिड्डी दल, मुस्तैदी से बची फसल
Sun, 28 Jun 2020 03:30 PM IST
प्राची प्रियम
माई सिटी रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा
माई सिटी रिपोर्ट, ग्रेटर नोएडा
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sun, 28 Jun 2020 03:30 PM IST
विज्ञापन
आसमान में मंडराता टिड्डी दल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
टिड्डी दल शनिवार दोपहर हरियाणा के फरीदाबाद से होत हुए गौतमबुद्ध नगर में पहुंचा। यहां करीब डेढ़ घंटे तक टिड्डी दल मौजूद रहा। टिड्डी दल भट्टा और मोहम्मदपुर जादौन में फसल पर बैठा, लेकिन किसान और प्रशासन की मुस्तैदी से गन्ना और चारे की फसल को नुकसान नहीं पहुंचा सका।
किसानों ने ताली, बंदूक, बर्तन और पटाखों का इस्तेमाल कर टिड्डी दल को भगा दिया। दोपहर तीन बजे बुलंदशहर में घुसने के बाद किसान और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। दिल्ली और हरियाणा में शनिवार सुबह टिड्डी दल पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की टीम अलर्ट हो गई।
कृषि विभाग और अन्य अधिकारियों ने दनकौर, रबूपुरा और जेवर के गांवों में जाकर किसानों को टिड्डी दल के आने की सूचना दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे टिड्डी दल फरीदाबाद से गौतमबुद्ध नगर के उस्मानपुर गांव पहुंचा। वहां से उटरावली, हाजीपुर, मोहम्मदपुर जादौन, दुबली, जौनचाना आदि गांव से होकर करीब तीन बजे टिड्डी दल बुलंदशहर के खुर्जा की तरफ चला गया।
विज्ञापन
उपनिदेशक कृषि अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि भट्टा और मोहम्मदपुर जादौन गांव में टिड्डी दल गन्ना और चारे की फसल पर बैठा था, लेकिन वहां किसान पहले से ही सतर्क थे। उन्होंने ताली, बर्तन, पटाखे और ढोल आदि की आवाज से टिड्डी दल को भगा दिया। हवा चलने के कारण टिड्डी दल जिले में अधिक देर तक नहीं रुक सका।
बताया कि टिड्डी दल फसल पर बैठता तो उनको नष्ट करने की पूरी तैयारी की गई थी। मेलाथियान, क्लोरो पायरी फास और फिपरोनिल के घोल का छिड़काव किया जाता। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ी और ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर का इंतजाम किया गया था। छिड़काव रात 11 बजे से 3 बजे के बीच किया जाता। तब यह काफी कारगर साबित होता है।
दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था टिड्डी दल
जिले से होकर निकला टिड्डी दल काफी बड़ा था। यह दल दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था। सामान्य ग्रास हौपर के मुकाबले यह दल काफी खतरनाक होता है। जिस फसल पर बैठता है, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देता है। फसल के अलावा यह सभी तरह के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है।
विज्ञापन
किसानों ने ताली, बंदूक, बर्तन और पटाखों का इस्तेमाल कर टिड्डी दल को भगा दिया। दोपहर तीन बजे बुलंदशहर में घुसने के बाद किसान और जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। दिल्ली और हरियाणा में शनिवार सुबह टिड्डी दल पहुंचने की सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की टीम अलर्ट हो गई।
विज्ञापन
कृषि विभाग और अन्य अधिकारियों ने दनकौर, रबूपुरा और जेवर के गांवों में जाकर किसानों को टिड्डी दल के आने की सूचना दी। दोपहर करीब डेढ़ बजे टिड्डी दल फरीदाबाद से गौतमबुद्ध नगर के उस्मानपुर गांव पहुंचा। वहां से उटरावली, हाजीपुर, मोहम्मदपुर जादौन, दुबली, जौनचाना आदि गांव से होकर करीब तीन बजे टिड्डी दल बुलंदशहर के खुर्जा की तरफ चला गया।
विज्ञापन
उपनिदेशक कृषि अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि भट्टा और मोहम्मदपुर जादौन गांव में टिड्डी दल गन्ना और चारे की फसल पर बैठा था, लेकिन वहां किसान पहले से ही सतर्क थे। उन्होंने ताली, बर्तन, पटाखे और ढोल आदि की आवाज से टिड्डी दल को भगा दिया। हवा चलने के कारण टिड्डी दल जिले में अधिक देर तक नहीं रुक सका।
बताया कि टिड्डी दल फसल पर बैठता तो उनको नष्ट करने की पूरी तैयारी की गई थी। मेलाथियान, क्लोरो पायरी फास और फिपरोनिल के घोल का छिड़काव किया जाता। इसके लिए दमकल विभाग की गाड़ी और ट्रैक्टर माउंटेड स्प्रेयर का इंतजाम किया गया था। छिड़काव रात 11 बजे से 3 बजे के बीच किया जाता। तब यह काफी कारगर साबित होता है।
दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था टिड्डी दल
जिले से होकर निकला टिड्डी दल काफी बड़ा था। यह दल दो किमी लंबा और आधा किमी चौड़ा था। सामान्य ग्रास हौपर के मुकाबले यह दल काफी खतरनाक होता है। जिस फसल पर बैठता है, उसे पूरी तरह से नष्ट कर देता है। फसल के अलावा यह सभी तरह के पेड़ों को भी नुकसान पहुंचाता है।
इस समय धान, गन्ना, अरहर और ज्वार आदि की फसल हो रही है। टिड्डी दल एक दिन में 100 से 150 किमी तक का सफर तय करता है। सामान्य तौर पर जो ग्रास हौपर फसल में मौजूद रहता है। वह केवल पत्तियों को नुकसान पहुंचता है।
जिले में 20 साल पहले आया था टिड्डी दल
दनकौर के गांवों में टिड्डी दल के पहुंचने के साथ ही किसान अपने खेतों में पहुंच गए। वहीं, बाकी लोग अपने घरों की छतों पर खड़े हो गए। उन्होंने तालियां और थालियां बजाकर टिड्डी दल को भगाने का प्रयास किया। कुछ जगह लोगों ने बंदूक से गोलियां भी दागीं।
किसान नेमचंद नागर, योगेश शर्मा, नासिर जायसवाल और पंकज शर्मा का कहना है कि करीब 20 साल पहले ऐसा ही टिड्डी दल जिले में आया था। उस समय फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इस वक्त किसान ज्वार, मक्का, मूंग, अरहर और धान की पैदावार कर रहे हैं।
यदि टिड्डी दल किसी भी फसल पर बैठता तो पूरी तरह से बर्बाद करके ही बाहर निकलता। जिला प्रशासन ने भी टिड्डी दल से फसलों के बचाव के लिए कोई व्यवस्था किसानों के लिए नहीं की है। उन्होंने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने की मांग की है।
टिड्डी दल के जाने के बाद ली राहत की सांस
दोपहर करीब ढाई बजे के बाद टिड्डी दल रबूपुरा पहुंचा। किसानों ने टिड्डी दल को भागाने के लिए तुरंत थाली बजाना शुरू कर दिया। यहां किसानों की फसलों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची।
हाजीपुर निवासी किसान राजकुमार सिंह, संतोष सिंह, महमदपुर निवासी संजू सिंह, दूबली निवासी रामबीर सिंह व सोनापल सिंह का कहना है कि टिड्डी दल के क्षेत्र से जाने के बाद राहत मिली है। कोरोना के कारण किसान आर्थिक तंगी से परेशान हैं। अगर फसलों को नुकसान होता तो फिर बड़ी मुसीबत हो जाती।
जिले में 20 साल पहले आया था टिड्डी दल
दनकौर के गांवों में टिड्डी दल के पहुंचने के साथ ही किसान अपने खेतों में पहुंच गए। वहीं, बाकी लोग अपने घरों की छतों पर खड़े हो गए। उन्होंने तालियां और थालियां बजाकर टिड्डी दल को भगाने का प्रयास किया। कुछ जगह लोगों ने बंदूक से गोलियां भी दागीं।
किसान नेमचंद नागर, योगेश शर्मा, नासिर जायसवाल और पंकज शर्मा का कहना है कि करीब 20 साल पहले ऐसा ही टिड्डी दल जिले में आया था। उस समय फसलों को नुकसान पहुंचाया था। इस वक्त किसान ज्वार, मक्का, मूंग, अरहर और धान की पैदावार कर रहे हैं।
यदि टिड्डी दल किसी भी फसल पर बैठता तो पूरी तरह से बर्बाद करके ही बाहर निकलता। जिला प्रशासन ने भी टिड्डी दल से फसलों के बचाव के लिए कोई व्यवस्था किसानों के लिए नहीं की है। उन्होंने कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करने की मांग की है।
टिड्डी दल के जाने के बाद ली राहत की सांस
दोपहर करीब ढाई बजे के बाद टिड्डी दल रबूपुरा पहुंचा। किसानों ने टिड्डी दल को भागाने के लिए तुरंत थाली बजाना शुरू कर दिया। यहां किसानों की फसलों को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची।
हाजीपुर निवासी किसान राजकुमार सिंह, संतोष सिंह, महमदपुर निवासी संजू सिंह, दूबली निवासी रामबीर सिंह व सोनापल सिंह का कहना है कि टिड्डी दल के क्षेत्र से जाने के बाद राहत मिली है। कोरोना के कारण किसान आर्थिक तंगी से परेशान हैं। अगर फसलों को नुकसान होता तो फिर बड़ी मुसीबत हो जाती।
प्रशासन ने जारी किए दिशा-निर्देश
टिड्डी दल से फसलों को बचाने के लिए जिला प्रशासन ने किसानों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया है। इसमें कृषि विभाग के अधिकारी शामिल हैं, जो टिड्डी दल पर नजर रख रहे हैं।
किसानों से कहा है कि अगर टिड्डी दल आता है तो सामाजिक दूरी का पालन कर सभी एकत्र हो जाएं और ढोल-नगाड़े, टीन के डिब्बे और थाली आदि बजाकर शोर मचाएं। शोर से टिड्डी दल नीचे नहीं आता।
उप निदेशक कृषि गौतमबुद्धनगर एके मिश्रा ने बताया कि टिड्डी का एक दल मोहम्मदपुर जादौन होता हुआ खुर्जा बुलंदशहर की तरफ और फिर अलीगढ़ चला गया। दूसरा दल हरियाणा की ओर से आने की संभावना थी लेकिन वह सोनीपत की ओर चला गया। इस समय जनपद में कोई भी टिड्डी का दल नहीं है।
किसानों से कहा है कि अगर टिड्डी दल आता है तो सामाजिक दूरी का पालन कर सभी एकत्र हो जाएं और ढोल-नगाड़े, टीन के डिब्बे और थाली आदि बजाकर शोर मचाएं। शोर से टिड्डी दल नीचे नहीं आता।
उप निदेशक कृषि गौतमबुद्धनगर एके मिश्रा ने बताया कि टिड्डी का एक दल मोहम्मदपुर जादौन होता हुआ खुर्जा बुलंदशहर की तरफ और फिर अलीगढ़ चला गया। दूसरा दल हरियाणा की ओर से आने की संभावना थी लेकिन वह सोनीपत की ओर चला गया। इस समय जनपद में कोई भी टिड्डी का दल नहीं है।