प्रत्याशी के बेटे ने की एलएलबी की स्टूडेंट पर किए COMMENTS, पुलिस ने की मामले पर लीपापोती
पुलिस मामले में लीपापोती करती नजर आ रही है। पीड़ित युवती सिहानी गेट थाना क्षेत्र की एक कालोनी की रहने वाली है। वह मेरठ के एक कॉलेज की एलएलबी की छात्रा है।
वह मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे ऑटो से आरडीसी में डॉक्टर के पास जा रही थी। छात्रा का आरोप है कि इस दौरान साहिबाबाद सीट से एक प्रमुख पार्टी के प्रत्याशी का बेटा निवासी विजयनगर और उसके एक साथी निवासी कैला भट्टा लग्जरी कार से उसका पीछा करने लगे।
पास आने पर उस पर अश्लील कमेंट्स किए । विरोध करने पर कचहरी के पास दोनों युवकों ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इसके बाद छात्रा ने कचहरी के पास खड़ी पीआरवी पर तैनात सिपाहियों से मामले की मौखिक रूप से शिकायत की।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 100 मीटर का पीछा कर आरोपियों को दबोच लिया। इसके बाद पुलिस पीआरवी दोनों आरोपियों और छात्रा को लेकर कविनगर थाने पहुंच गई।
जहां छात्रा ने आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी, लेकिन पुलिस तहरीर देने की बात से मना कर रही है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में बाद में समझौता हो गया है।
राजनीतिक दबाव पर करवाया समझौता सूत्रों की मानें तो कविनगर नगर पुलिस ने करीब चार घंटे प्रत्याशी के बेटे को हिरासत में रखने के बाद राजनीतिक दबाव पड़ने पर शाम करीब साढ़े तीन बजे उसे छोड़ दिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
इसी के बाद पुलिस ने दोनों युवकों और उनकी कार को छोड़ दिया। कार सीज की, फिर चालान कर छोड़ा सूत्रों के मुताबिक कवि नगर पुलिस ने वारदात के बाद आरोपी की कार को सीज कर दिया था, लेकिन पुलिस ने कथित राजनीतिक दबाव के बाद मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान कर कार को छोड़ दिया।
कार के शीशों पर काली फिल्म चढ़ी हुई थी। एसएसपी बोले, राजनीतिक दबाव की बात गलत इस संबंध में एसएसपी दीपक कुमार का कहना है कि पुलिस ने तहरीर मिलने के बाद ही मामले में कार्रवाई करेगी।
हालांकि उन्होंने कहा कि पुलिस के ऊपर कोई भी राजनीतिक दबाव नहीं है। वह इस मामले की अधिक जानकारी के लिए एसपी सिटी से भी बात करेंगे। वहीं, एसपी सिटी सलमान ताज का कहना है कि पुलिस तहरीर मिलने के बाद ही युवकों के खिलाफ कार्रवाई करेगी।