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ग्रेटर नोएडा: नवरात्र के पहले तीन दिन में 1500 करोड़ की संपत्ति खरीदी, स्टांप और पंजीकरण राजस्व से शासन भी खुश

Thu, 15 Oct 2026 07:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा नवीन कुमार, ग्रेटर नोएडा
नवीन कुमार, ग्रेटर नोएडा Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 15 Oct 2026 07:05 AM IST
सार

इनसे प्रशासन को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के रूप में 33 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला है।

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Assets worth ₹1,500 crore were purchased during the first three days of Navratri.
demo pic - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

नवरात्र में संपत्ति की खरीदारी ने रफ्तार पकड़ ली है। ग्रेटर नोएडा और यमुना सिटी क्षेत्र में तीन दिन के भीतर 1500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों की खरीदारी की गई। 12 से 14 अक्तूबर के बीच सदर, दादरी और जेवर सब रजिस्ट्रार कार्यालयों में कुल 1766 रजिस्ट्री हुई हैं। इनसे प्रशासन को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क के रूप में 33 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिला है। नवरात्र के अभी पांच दिन बाकी हैं। ऐसे में संपत्ति की खरीदारी का आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है।

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ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यमुना सिटी में इस समय संपत्ति की खरीदारी को लेकर खासा उत्साह है। पितृ पक्ष के दौरान रजिस्ट्री कराने वालों की संख्या कम थी, लेकिन नवरात्र शुरू होते ही खरीदार बड़ी संख्या में सब रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंचने लगे हैं। सबसे ज्यादा रजिस्ट्री दादरी क्षेत्र में हो रही हैं। यहां फ्लैट और प्लॉट की खरीदारी के साथ बिल्डर भी संपत्तियों की रजिस्ट्री करा रहे हैं।
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निबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तीन दिन में दादरी कार्यालय में 938, सदर में 673 और जेवर में 155 रजिस्ट्री हुई हैं। हालांकि, यमुना प्राधिकरण से आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री सदर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में होने के कारण यमुना सिटी की संपत्ति का पूरा आंकड़ा जेवर कार्यालय से नहीं मिलता है।
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सदर में कम रजिस्ट्री, लेकिन ज्यादा राजस्व : दादरी के मुकाबले सदर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री की संख्या कम है, लेकिन यहां संपत्तियों की कीमत अधिक होने के कारण राजस्व ज्यादा मिल रहा है।  बुधवार को सदर कार्यालय में स्टांप शुल्क के रूप में 6.91 करोड़ रुपये मिले, जबकि दादरी में 2.78 करोड़ रुपये का स्टांप शुल्क प्राप्त हुआ। इससे साफ है कि सदर क्षेत्र में महंगी संपत्तियों की खरीदारी अधिक हो रही है।

जेवर में प्राधिकरण के भूखंडों की रजिस्ट्री कम : नोएडा एयरपोर्ट के कारण जेवर क्षेत्र में संपत्ति की मांग बढ़ी है, लेकिन तीन दिनों के आंकड़ों में यहां रजिस्ट्री की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। बुधवार को जेवर सब रजिस्ट्रार कार्यालय में केवल आठ रजिस्ट्री हुईं। वहीं, यमुना प्राधिकरण की ओर से आवंटित भूखंडों की रजिस्ट्री सदर कार्यालय में होने के कारण जेवर कार्यालय के आंकड़ों में उनका पूरा हिस्सा शामिल नहीं है।

नवरात्र के अवसर पर लोग सामान्य दिनों के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत अधिक रजिस्ट्री कराते हैं। रजिस्ट्री की संख्या में तेजी जारी रहने की उम्मीद है। 
- ब्रिजेश कुमार, एआईजी द्वितीय, निबंधन विभाग

दस हजार करोड़ के पार जाने का अनुमान 
निबंधन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, नवरात्र जैसे शुभ अवसरों पर लोग संपत्ति खरीदने और रजिस्ट्री कराने को प्राथमिकता देते हैं। इस दौरान सामान्य दिनों के मुकाबले रजिस्ट्री की संख्या 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। अधिकारियों को उम्मीद है कि नवरात्र के शेष दिनों में संपत्ति की खरीदारी और बढ़ेगी। जिले में खरीदारी का आंकड़ा दस हजार करोड़ के पार जाने का अनुमान है। 

 जीपीए से बिके फ्लैटों की रजिस्ट्री के लिए सार्वजनिक सूचना जरूरी
नोएडा। शहर में पुरानी सहकारी समितियों में जीपीए के आधार पर बिक चुके फ्लैटों की रजिस्ट्री का रास्ता साफ हो गया है। पांच सितंबर को नोएडा प्राधिकरण के प्रस्ताव को बोर्ड से मंजूरी मिली थी। अब बोर्ड बैठक के मिनट्स शासन की मंजूरी के बाद जारी हो गए हैं। इसमें यह शर्त रखी गई है कि प्राधिकरण को रजिस्ट्री कराने से पहले प्रत्येक फ्लैट के नंबर के साथ सार्वजनिक सूचना जारी कर आपत्ति-सुझाव मांगने होंगे। इसके पहले सोसाइटी में मौजूद आरडब्ल्यूए या एओए से एनओसी लेनी होगी। प्राधिकरण के ओएसडी क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि अब फ्लैटों की रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू होगी। 

  • सेक्टर-21, 25, 28, 29, 37 समेत अन्य सेक्टरों में स्थित पुरानी सहकारी आवास समितियों में बहुत से ऐसे फ्लैट है जिन्हें जिन सदस्यों को आवंटित किए गए थे लेकिन उन्होंने दूसरे लोगों को यह फ्लैट बेच दिए। इनमें कुछ पुरानी सोसाइटी जब बनी थीं तब उनके फ्लैटों की रजिस्ट्री की व्यवस्था भी नहीं थी। समितियों ने नए लोगों के नाम अपने रिकॉर्ड में दर्ज कर लिए। बहुत से फ्लैट जीपीए के आधार पर कई बार बेचे गए लेकिन रजिस्ट्री नहीं कराई गई। रजिस्ट्री न होने से मालिकियत की प्रमाणिकता भी तुरंत स्पष्ट नहीं होती। 
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