{"_id":"69874d73f9296c31b00e1fc1","slug":"limited-opportunities-for-nursery-admissions-risk-taking-can-be-costly-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-123241-2026-02-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: सूची का इंतजार छोड़ें, नाम आते ही कराएं दाखिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: सूची का इंतजार छोड़ें, नाम आते ही कराएं दाखिला
विज्ञापन
-निजी स्कूलों में दाखिले की दूसरी सूची सोमवार को जारी होगी
-पसंदीदा स्कूल में नाम आने पर अपनी पहले की सीट छोड़ें
-अभिभावकों की समस्या का समाधान 10 फरवरी से 16 फरवरी तक होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के 1700 निजी स्कूलों में नर्सरी की 75 फीसदी ओपन सीटों (सामान्य) पर दाखिले के लिए दूसरी सूची प्रतीक्षा सूची के साथ सोमवार को जारी होगी। अधिकतर स्कूलों में पहली सूची के आधार पर ही सीटें भर गई हैं। अब केवल सीट खाली होने पर व मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। स्कूलों की सलाह है कि अभिभावकों को अन्य सूची की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। जहां दाखिला मिल रहा हो वहां दाखिला जरूर लें। सीटें खाली रहने पर ही आगे सूची जारी होगी। दूसरी सूची में पसंदीदा स्कूल में नाम आने पर अभिभावक अपनी पहले की सीट छोड़ें।
दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए दूसरी सूची 9 फरवरी को प्रतीक्षा सूची के साथ जारी होगी। अब इस सूची के बाद यदि कहीं सीटें खाली रहेंगी तभी सूची जारी की जाएगी। इसकी कम ही गुजांइश है। शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइंस के अनुसार 19 मार्च के बाद स्कूलों में दाखिले नहीं होंगे। दूसरी सूची को लेकर यदि किसी अभिभावक को किसी प्रकार की समस्या है तो उसका समाधान 10 फरवरी से 16 फरवरी तक होगा। पीतमपुरा स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि हमारे यहां पहली सूची में लगभग सीटें भर चुकी हैं। अब यदि खाली होंगी तो कोई बच्चा कहीं दूसरी जगह दाखिला लेगा तो ही जगह बनेगी। उन्होंने कहा कि अब दूसरी सूची में जहां दाखिला मिले अभिभावक सीट को सुरक्षित कर लें। जिस तरह से दाखिले हुए उसमें आगे दाखिला लेने की गुजांइश नहीं बचेगी, इसलिए रिस्क ना लें।
एक अन्य स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि दूसरी सूची में किसी अभिभावक के बच्चे का नाम मनपसंद स्कूल में आ जाने पर, वह पहली सूची में हुए दाखिले से अपना नाम अवश्य वापस लें। नाम वापस लेने से फीस रिफंड भी जल्दी होने में आसानी होगी। साथ ही जिन बच्चों का दाखिला नहीं हो पाया उन्हें मौका मिल सकेगा। जिन अभिभावकों के बच्चे का नाम दूसरी सूची में आ जाए वह हर हाल में दाखिला ले लें। तीसरी सूची के इंतजार का रिस्क का ना लें। स्कूल सीटें खाली रहने पर ही तीसरी सूची निकालेंगे। इस कारण इस सूची में दाखिले के अवसर सीमित हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
-पसंदीदा स्कूल में नाम आने पर अपनी पहले की सीट छोड़ें
-अभिभावकों की समस्या का समाधान 10 फरवरी से 16 फरवरी तक होगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के 1700 निजी स्कूलों में नर्सरी की 75 फीसदी ओपन सीटों (सामान्य) पर दाखिले के लिए दूसरी सूची प्रतीक्षा सूची के साथ सोमवार को जारी होगी। अधिकतर स्कूलों में पहली सूची के आधार पर ही सीटें भर गई हैं। अब केवल सीट खाली होने पर व मैनेजमेंट कोटे की सीटों पर दाखिला ले सकेंगे। स्कूलों की सलाह है कि अभिभावकों को अन्य सूची की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए। जहां दाखिला मिल रहा हो वहां दाखिला जरूर लें। सीटें खाली रहने पर ही आगे सूची जारी होगी। दूसरी सूची में पसंदीदा स्कूल में नाम आने पर अभिभावक अपनी पहले की सीट छोड़ें।
दिल्ली के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए दूसरी सूची 9 फरवरी को प्रतीक्षा सूची के साथ जारी होगी। अब इस सूची के बाद यदि कहीं सीटें खाली रहेंगी तभी सूची जारी की जाएगी। इसकी कम ही गुजांइश है। शिक्षा निदेशालय की गाइडलाइंस के अनुसार 19 मार्च के बाद स्कूलों में दाखिले नहीं होंगे। दूसरी सूची को लेकर यदि किसी अभिभावक को किसी प्रकार की समस्या है तो उसका समाधान 10 फरवरी से 16 फरवरी तक होगा। पीतमपुरा स्थित माउंट आबू स्कूल की प्रिंसिपल ज्योति अरोड़ा ने कहा कि हमारे यहां पहली सूची में लगभग सीटें भर चुकी हैं। अब यदि खाली होंगी तो कोई बच्चा कहीं दूसरी जगह दाखिला लेगा तो ही जगह बनेगी। उन्होंने कहा कि अब दूसरी सूची में जहां दाखिला मिले अभिभावक सीट को सुरक्षित कर लें। जिस तरह से दाखिले हुए उसमें आगे दाखिला लेने की गुजांइश नहीं बचेगी, इसलिए रिस्क ना लें।
विज्ञापन
एक अन्य स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि दूसरी सूची में किसी अभिभावक के बच्चे का नाम मनपसंद स्कूल में आ जाने पर, वह पहली सूची में हुए दाखिले से अपना नाम अवश्य वापस लें। नाम वापस लेने से फीस रिफंड भी जल्दी होने में आसानी होगी। साथ ही जिन बच्चों का दाखिला नहीं हो पाया उन्हें मौका मिल सकेगा। जिन अभिभावकों के बच्चे का नाम दूसरी सूची में आ जाए वह हर हाल में दाखिला ले लें। तीसरी सूची के इंतजार का रिस्क का ना लें। स्कूल सीटें खाली रहने पर ही तीसरी सूची निकालेंगे। इस कारण इस सूची में दाखिले के अवसर सीमित हो जाएगा।
विज्ञापन