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Delhi: जेल विजिटर्स बोर्ड के गठन में देरी पर उपराज्यपाल खफा, भेजा गया अधूरा प्रस्ताव, फाइल पर की सख्त टिप्पणी
Tue, 01 Oct 2024 06:19 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 01 Oct 2024 06:19 AM IST
सार
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत विजिटर्स बोर्ड का गठन होना है। यह बोर्ड जेल में स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले में जेल अधिकारियों को स्वतंत्र प्रतिक्रिया प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस बोर्ड का गठन पांच वर्षों से लंबित है।
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वीके सक्सेना
- फोटो : एएनआई
विस्तार
जेल विजिटर्स बोर्ड के गठन में देरी पर दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने नाराजगी जाहिर की है। बोर्ड के गठन के संबंध में उपराज्यपाल के पास भेजा गया प्रस्ताव अधूरा बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि इसमें सभी नियमों व उचित जानकारी उपलब्ध नहीं की गई है। इसे लेकर एलजी मुख्यमंत्री आतिशी को भेजी संबंधित फाइल पर सख्त टिप्पणी की है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिल्ली जेल नियम, 2018 के तहत विजिटर्स बोर्ड का गठन होना है। यह बोर्ड जेल में स्वास्थ्य, स्वच्छता, सुरक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मामले में जेल अधिकारियों को स्वतंत्र प्रतिक्रिया प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस बोर्ड का गठन पांच वर्षों से लंबित है। यह कैदियों व दोषियों की शिकायतों को सुनने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने सितंबर, 2019 में एक आदेश पारित किया था। इसमें 12 सप्ताह की अवधि के भीतर विजिटर्स बोर्ड का गठन करने को कहा था।
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ऐसा पता चला कि तत्कालीन दिल्ली के गृह विभाग मंत्री ने एक वर्ष की अवधि बीत जाने के बाद अपने स्तर पर मंजूरी दी। जिसके बाद कानून विभाग ने बताया कि इसके लिए उपराज्यपाल की मंजूरी की आवश्यकता है। करीब चार साल बीत जाने के बाद फाइल अब मंजूरी के लिए सोमवार को एलजी हाउस पहुंची। फाइल को देखने के बाद इसमें कई स्तर की कमी दिखी। हैरानी की बात है कि दिल्ली सरकार के गृह विभाग मंत्री और मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जो अधिसूचना लगाई गई है, वह दिल्ली जेल नियम, 2018 के नियम 1643 के प्रावधानों के विपरीत है।
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अधिकारियों पर कार्रवाई करें एलजी
आप सरकार के सूत्रों का कहना है कि एलजी के पास दिल्ली के कुछ मंत्रियों को दोष देने के अलावा कोई और काम नहीं है। वह खुद सेवा विभाग के मुखिया हैं। उन अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने तीन फाइलें मंत्री को बताए बिना ही प्रसारित कर दीं। उन अफसरों पर कार्रवाई होनी चाहिए जिन्होंने इसे गलत दिशा में प्रसारित किया। इस फाइल पर प्रमुख गृह सचिव और मुख्य सचिव के हस्ताक्षर हैं। तो वे क्या कर रहे थे? क्या वे मंत्रियों को गुमराह कर रहे थे? हाईकोर्ट के निर्देश के बावजूद तीन साल तक यह फाइल मंत्री के पास नहीं दी गई। एलजी को अफसरों पर कार्रवाई करनी चाहिए। वे हर मौके का राजनीतिक फायदा क्यों उठाते हैं।
आप विधायकों ने एलजी से मिलने का समय मांगा
आम आदमी पार्टी के विधायकों ने दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। इस मुलाकात के दौरान दिल्ली की कानून व्यवस्था पर चर्चा होगी। सोमवार को दिल्ली के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा की 2 दिन पहले दिल्ली के अलग-अलग क्षेत्र में गोलीबारी की कई घटनाएं हुई। इन घटनाओं पर उपराज्यपाल के तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। दिल्ली वापस आने के बाद भी उन्होंने इन घटनाओं पर अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। उन्होंने आरोप लगाया कि उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने जब से पद संभाला दिल्ली में कानून व्यवस्था खराब हो गई है।