Delhi: दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व सीईओ एसएम अली के खिलाफ होगी जांच, उपराज्यपाल ने की सिफारिश
एसएम आली पर आरोप है कि उन्होंने दिल्ली वक्फ बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अमानतुल्ला खान के गलत प्रस्तावों को पारित कराया।
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दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली वक्फ बोर्ड (डीडब्ल्यूबी)के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एस.एम अली के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की गृह मंत्रालय से सिफारिश की है। आईएसएस अधिकारी अली पर आरोप है कि बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान की तरफ से भेजे गए गलत प्रस्तावों को मंजूरी दी थी। अली पर उनके कार्यकाल में सीईओ और संविदा कर्मियों की नियुक्ति मामले में नियमों के उल्लंघन के आरोप लगे थे। इस पद पर रहते हुए अपनी जिम्मेवारियों की अवहेलना को गंभीरता से लेते हुए एलजी ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए इस मामले में कार्यवाही शुरू करने की गृह मंत्रालय से सिफारिश की है।
इस मामले में बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के खिलाफ चल रही सीबीआई की जांच रिपोर्ट में सामने आया है कि बोर्ड के सीईओ रहते हुए अवैध प्रस्तावों पर आपत्ति के बगैर अली ने स्वीकृति दे दी थी। अली ने महबूब आलम की नियुक्ति को मंजूर करते हुए औपचारिक तौर पर पद का कार्यभार भी सौंप दिया।
सूत्रों का कहना है कि सीईओ पद के लिए प्रकाशित विज्ञापन का उल्लंघन था। दिल्ली वक्फ अधिनियम और नियम का उल्लंघन किया गया। सीईओ की नियुक्ति के अलावा इसी आधार पर संविदा कर्मियों की भर्ती के लिए भी इसे आधार बनाया गया। इसपर सीईओ रहते हुए अली ने आपत्ति उठाए बगैर प्रस्तावों को मंजूरी दे दी।
सूत्रों का कहना है कि सीईओ पद के कर्त्तव्यों का उल्लंघन करते हुए इन बोर्ड में रखे गए आदेश को पुनर्विचार के बगैर पारित कर दिया। इनपर कानून के मुताबिक सभी पहलुओं पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए था। हालांकि आखिरी वक्त पर सीईओ पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी करने संबंधी विज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसमें स्पष्ट तौर सी.ई.ओ पद के लिए प्रकाशित विज्ञापन की पुष्टि करते हुए सेवा निवृत्त आईपीएस महबूब आलम की दिल्ली वक्त बोर्ड के सीईओ पद के पर नियुक्ति को स्वीकृति दे दी गई। बोर्ड ने ना केवल अवैध विज्ञापन बल्कि सीईओ के रूप में महबूब आलम की अवैध नियुक्ति को भी मंजूरी दी थी।