ट्रैफिक सिपाही के परिवार को एक करोड़ का मुआवजा
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मोती नगर इलाके में शनिवार रात ट्रैफिक पुलिस के सिपाही की कार से कुचलकर हत्या करने के मामले की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। मंगलवार को दिल्ली के उपराज्यपाल ने एसआईटी गठित करने के साथ ही मृतक पुलिस के परिवार को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा देने की बात पर अपनी मंजूरी दी।
एलजी ने कहा कि सरकार मनाराम के परिवार के किसी एक व्यक्ति को योग्यता के अनुसार नौकरी भी देगी। सरकार उसके परिवार को भरसक मदद देने की कोशिश करेंगे।
इससे पहले अरविंद केजरीवाल ने भी उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि देने की गुजारिश की थी।
दिल्ली पुलिस ने जांच को SIT गठित की
शनिवार
रात जखीरा फ्लाईओवर पर तैनात दिल्ली ट्रैफिक पुलिस का जवान मनाराम तैनात
थे। रात्रि 8 बजे के करीब मनाराम ने कार चालक को दूसरे रास्ते से जाने को
कहा तो कार चालक ने गुस्से में आकर कार मना राम पर चढ़ा दी और उसे कुचलता
हुआ निकल गया।
इससे मनाराम की मौत हो गई थी। वे मूलत: नागौर (राजस्थान) के
रहने वाले थे। इस मामले की जांच स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) करेगी। राजौरी गार्डन के एसीपी ईश सिंघल के नेतृत्व में बनी एसआईटी टीम में क्राइम
ब्रांच, ट्रैफिक यूनिट और मोती नगर थाने के एक-एक इंस्पेक्टर की नियुक्ति
की गई है।