स्वाति ने माना, LG से सलाह न लेना था गलत फैसला
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दिल्ली में महिला आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष स्वाति मालीवाल मानती हैं कि उनकी नियुक्ति में राज्यपाल की सहमति न लेने की गलती हुई है।
पत्रकारों के सवाल के जवाब में स्वाति ने माना कि यह तकनीकी भूल है जिसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह राज्यपाल के संवैधानिक पद का सम्मान करती हैं और इस मामले में जो चूक हुई है उसे सुधार लिया जाएगा।
स्वाति ने माना कि उनकी नियुक्ति से संबंधित फाइल एलजी नजीब जंग के पास नहीं भेजी गई जिससे उनकी नियुक्ति पर उप राज्यपाल की सहमति नहीं मिल पाई। स्वाति ने कहा कि यह कोई गंभीर मसला नहीं है और इसे जल्द ही सुधार लिया जाएगा।
एलजी ने लिखा लेटर बोले गलत है स्वाति की नियुक्ति
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल के बीच फिर ठन गई है। इस बार मामला महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की नियुक्ति और डीडीए अधिकारी को घूस लेते पकड़ने का है।
राजनिवास से भेजी गई चिट्ठी में कहा गया है कि स्वाति मालीवाल को महिला आयोग की अध्यक्ष बनाने और अन्य सदस्य बनाए जाने के मामले में उपराज्यपाल की स्वीकृति नहीं ली गई।
इसलिए यह नियुक्ति उचित नहीं है। वहीं स्वाति मालीवाल ने इस मामले पर कहा है कि दिल्ली महिला आयोग किटी पार्टी आयोग था जिसे मैं खत्म करने की कोशिश कर रही हूं। अगर मैं इस पद पर नहीं रहती तब भी मैं यही काम करती।
साथ ही मालीवाल ने ये भी कहा कि मुझे किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। अगर इसके बारे में मुझे कोई सूचना मिलती है तो मैं इसे देखूंगी।
तो क्या फिर बिगड़ रहे हैं रिश्ते
उल्लेखनीय है कि इससे पहले सेवा सचिव और गृह सचिव की नियुक्ति पर भी उपराज्यपाल वीटो लगा चुके हैं। हालांकि दोनो प्रधान सचिवों का अपने-अपने पद से ट्रांसफर हो चुका है।
हालांकि महिला आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति पर आपत्ति उठाने वाली ये चिट्ठी उस वक्त सामने आई है जब केजरीवाल और एलजी के बीच रिश्ते सामान्य होते नजर आ रहे थे।
इस बीच मनीष सिसोदिया ने डीडीए के जिस कर्मचारी को रंगे हाथ पकड़ने के बाद एफआईआर दर्ज नहीं करने की बात कही है वह मामला सीधे तौर पर भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के अधिकार क्षेत्र का है।
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट कर रखा है कि दिल्ली सरकार के अधिकार सीमित हैं
तो फिर अधिकारी डीडीए तक क्यों पहुंचे। उपराज्यपाल खुद डीडीए के मुखिया
हैं, ऐसे में पुख्ता सबूत के बिना दिल्ली पुलिस भी एफआईआर क्यों करेगी?
पहले ही दिन एक्शन मोड में दिखी थी स्वाति
दिल्ली
महिला आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल की टीम सोमवार को पदभार संभालने के बाद
पहले कामकाज के दिन मंगलवार को ही एक्शन मोड में दिखी।
आयोग की अध्यक्ष
स्वाति ने स्टाफ के साथ बैठक करते हुए कामकाज के अलावा सुझाव भी मांगे। सूत्रों
के मुताबिक, टीम के सदस्यों ने कई एनजीओ के दफ्तर में औचक निरीक्षण करके
कामकाज को परखा।
निरीक्षण के बाद महिलाओं के मुद्दों पर काम करने वाले
एनजीओ को भी आयोग की टीम में शामिल करने की योजना है।