दिल्ली सरकार के साथ बैठकर बात करेंगे: बैजल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बात करते हुये अनिल बैजल ने पहले राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया। साथ ही दिल्ली सरकार के साथ रिश्ते सुधारने के बारे में उन्होंने कहा कि वह किसी तरह की कयासी बातों में नहीं पड़ना चाहते। दिल्ली सरकार के साथ बैठकर बात करके देखेंगे कि क्या होता है।
हमारी कोशिश दिल्ली की समस्याओं को निजात दिलाने की होगी। अनिल बैजल के मुताबिक, हमें उम्मीद है कि चुनी हुयी सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। दिल्ली में बहुत सी समस्यायें हैं। कानून व्यवस्था, महिला सुरक्षा, प्रदूषण और बुनियादी सुविधाओं के सुधार पर काम करना है। हम इस सभी समस्याओं पर काम करेंगे।
इससे पहले नजीब जंग के इस्तीफे के बाद राष्ट्रपति ने दो दिन पहले अनिल बैजल की बतौर 21वें उपराज्यपाल नियुक्ति पर सहमति दे दी थी। पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग के साथ दिल्ली सरकार के कटु रिश्तों के बीच कयास लगाये जा रहे हैं कि नवनियुक्त उपराज्यपाल के साथ दिल्ली सरकार का संबंध कैसा रहेगा।
हालांकि, शपथ ग्रहण समारोह के बाद अनिल बैजल ने अरविंद केजरीवाल के साथ लंबा वक्त गुजारा। इस दौरान दोनों का रूख सकारात्मक नजर आया। केजरीवाल ने ट्वीट कर बैजल का स्वागत किया। साथ ही दिल्ली के विकास के लिये मिलकर काम करने की उम्मीद भी जतायी है।
शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचकर अजित डोभाल ने चौंकाया
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने उपराज्यपाल अनिल बैजल के शपथ ग्रहण समारोह में राजनिवास पहुंचकर सबको चौंकाया। वह पूरे कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस दौरान लोगों में डोभाल के आने पर चर्चा रही। लोग पूर्व उपराज्यपाल नजीब जंग के दिल्ली सरकार के कटु रिश्तों के संबंध में इस मामले पर भी बात कर रहे थे।
कुछ लोगों के बीच यह भी चर्चा रही कि बैजल के चयन में डोभाल का साथ रहा होगा। हालांकि, बताया गया कि उपराज्यपाल की एनएसए के साथ दोस्ती है। थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशल फाउंडेशन में दोनों ने साथ-साथ काम किया है।
जेएनएनयूआरएम बनाने में सक्रियता से जुड़े रहे थे
अनिल बैजल 1969 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्होंने गृह सचिव का पद संभाला था। 2006 में वह केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के सचिव पद से सेवानिवृत्त हुए थे।
मनमोहन सिंह सरकार द्वारा शुरू किये गये 60,000 करोड़ रुपये की लागत वाली जवाहरलाल नेहरु राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) को बनाने में सक्रियता से जुड़े थे। बैजल ने दिल्ली विकास प्राधिकरण के वाइस चालंसर की जिम्मेदारी भी संभाली है। उपराज्यपाल नियुक्त होने से पहले वह वह थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल की कार्यकारी परिषद में भी थे।