LG-CM में फिर जंग, नजीब ने केंद्र को भेजे विधेयक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली सरकार व राजनिवास में एक बार फिर टकराव की स्थिति बनती दिखाई पड़ रही है। दरअसल, पिछले विधानसभा सत्र में दिल्ली सरकार ने जो भी बिल (विधेयक) को पारित किया है उसमें अधिकतर बिल को उपराज्यपाल नजीब जंग ने केंद्र सरकार को भेज दिया है।
इससे इन विधेयक को कानून का रूप लेने में अड़चन की संभावना बन गई है। इससे एक बार फिर दिल्ली सरकार के साथ उपराज्यपाल व केंद्र सरकार की ठन जाएगी। हालांकि राजनिवास से आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
माना जा रहा है कि उपराज्यपाल के इस कदम के बाद दिल्ली सरकार एक बार फिर से उपराज्यपाल व केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल सकती है। सूत्रों का कहना है कि उपराज्यपाल नजीब जंग ने बिलों को पास करने में तय मानदंडों की उपेक्षा करने का आरोप लगाकर सभी बिल केंद्र सरकार के पास भेज दिए हैं।
इनमें कुछ बिल वित्तीय मामलों से भी जुड़ा है। बता दें कि दिल्ली पूर्ण राज्य न होकर केंद्र शासित प्रदेश है, इसलिए सरकार ने इन बिलों पर आधिकारिक मुहर के लिए राजनिवास के पास भेजा था। जहां 14 बिलों को केंद्र सरकार के पास संस्तुति के लिए भेजा गया है।
विधायकों की सेलरी का बिल भी है शामिल
बता दें कि विधानसभा के 18 नवंबर से 4 दिसंबर तक चले शीतकालीन सत्र में दिल्ली सरकार ने कई विधेयक पारित किए थे। सदन से पास होने के बाद इन विधेयकों पर सरकारी मुहर के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल को भेजा गया था।
लेकिन ये बिल हरी झंडी देने के बजाय उपराज्यपाल ने केंद्र के पाले में डाल दिया है। बताया जाता है कि केंद्र सरकार के पास दिल्ली सरकार के मंत्रियों, विधायकों, विधानसभा अध्यक्ष की सैलरी व भत्ते को बढ़ाने से जुड़े बिल के साथ ही अपराध संहिता से जुड़े बिल, स्कूलों में शिक्षा के बदलाव को लेकर बिल व न्यूनतम वेतन वाले बिल महत्वपूर्ण रूप से शामिल है।
उल्लेखनीय है कि मामलों को सुलझाने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मिलने का समय मांगा है, ताकि उन्हें इन बिलों के बारे में समझा सके।