Delhi: एलजी और सीएम रेखा गुप्ता ने 25 नई अटल कैंटीनों का किया शुभारंभ, दिल्ली में अब कुल 71 कैंटीन
दिल्ली में गुरुवार को कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से 25 नई अटल कैंटीनों का उद्घाटन किया। इससे राजधानी में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 71 हो गई है। उपराज्यपाल ने कहा कि यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को राजधानी में 25 नई अटल कैंटीनों की शुरुआत की। कृष्णा नगर की नर्सरी बस्ती से डिजिटल माध्यम से इन कैंटीनों का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही दिल्ली में अटल कैंटीनों की कुल संख्या बढ़कर 71 हो गई है। उद्घाटन के बाद उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री और अन्य अतिथियों ने कैंटीन में बैठकर आम लोगों के साथ भोजन किया। इस अवसर पर उपराज्यपाल ने कहा कि 25 नई अटल कैंटीन शुरू होने से दिल्ली में इनकी संख्या 71 हो गई है। यह योजना गरीबों और जरूरतमंदों के लिए लाभकारी साबित हो रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस पहल को मेहनतकश और जरूरतमंद लोगों को मात्र पांच रुपये में सम्मानजनक व पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने योजना के पारदर्शी संचालन पर जोर दिया और इसे सरकार के गरीबों के कल्याण व समावेशी विकास के संकल्प का हिस्सा बताया। उन्होंने अधिकारियों को भोजन की गुणवत्ता, पौष्टिकता और स्वाद में किसी भी तरह की कमी न रखने के निर्देश दिए।
पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर है कैंटीन का नाम
दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (डूसिब) द्वारा संचालित ये कैंटीनें विशेष रूप से श्रमिक वर्ग, प्रवासी मजदूरों, छात्रों, रिक्शा चालकों, सफाई कर्मचारियों और घरेलू सहायकों जैसे जरूरतमंद नागरिकों को मात्र पांच रुपये में पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराती हैं। यह योजना पूर्व प्रधानमंत्री 'भारत रत्न' अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती पर शुरू की गई थी और इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सस्ती दर पर गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करना है।
'प्रत्येक थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी दे रही सरकार'
उपराज्यपाल ने बताया कि दिल्ली सरकार प्रत्येक थाली पर 25 रुपये की सब्सिडी दे रही है, ताकि जरूरतमंदों को सम्मान के साथ भोजन मिल सके। कैंटीनों में खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर नियमित निगरानी रखी जाती है और पारदर्शिता का पूरा ध्यान रखा जाता है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि अटल कैंटीन उन लोगों के लिए हैं जो प्रतिदिन कठिन परिश्रम करते हैं, और सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें सस्ती कीमत पर सम्मानजनक और पौष्टिक भोजन मिले। यह योजना केवल भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीबों, मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों, निर्माण श्रमिकों और रिक्शा चालकों के जीवन में सम्मान और सुरक्षा का एहसास भी देती है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार 'सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास' के सिद्धांत पर काम कर रही है ताकि कोई भी भूखा न सोए। वर्तमान में मात्र पांच रुपये में स्वच्छ, पौष्टिक और अच्छा भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कम आय वाले लोगों को राहत मिल रही है। आने वाले समय में सरकार का लक्ष्य 100 अटल कैंटीन शुरू करने का है ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें।
कैंटीनों में दाल, चावल, रोटी और सब्जी जैसे संतुलित भोजन परोसे जा रहे हैं। व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु रखने के लिए डिजिटल टोकन सिस्टम और सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था की गई है। भोजन स्टील की थाली में दिया जाता है और बिलिंग पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड है। समाज की भागीदारी बढ़ाने के लिए अटल कैंटीन का कॉर्पस फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया है ताकि समाजसेवी विशेष अवसरों पर भोजन प्रायोजित कर सकें।
'जल्द ही 25 और नई कैंटीनें शुरू की जाएंगी'
दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने बताया कि 25 दिसंबर से शुरू हुई अटल कैंटीन योजना के तहत अब तक 57 दिनों में 14,58,301 लोगों ने केवल पांच रुपये में पौष्टिक भोजन किया है। पिछले 56 दिनों में चल रही 46 अटल कैंटीनों में प्रतिदिन औसतन करीब 26 हजार लोगों ने भोजन किया, और प्रति कैंटीन औसतन 31 हजार से ज्यादा लोगों को भोजन उपलब्ध कराया गया। जल्द ही 25 और नई कैंटीनें शुरू की जाएंगी, जिससे रोज करीब 50,000 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों को फायदा मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना 'मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस' के सिद्धांत पर काम करते हुए विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का एक माध्यम है।