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चिट्ठी विवाद: प्रदेश कांग्रेस का घमासान ब्लॉक स्तर पर
Sun, 13 Oct 2019 05:23 AM IST
Mohit Mudgal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sun, 13 Oct 2019 05:23 AM IST
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पीसी चाको (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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विधानसभा चुनाव से ठीक पहले प्रदेश कांग्रेस की गुटबाजी सतह पर आ गई है। प्रदेश प्रभारी पीसी चाको और वरिष्ठ नेता संदीप दीक्षित के बीच कथित पत्र से शुरू हुआ घमासान अब ब्लॉक स्तर तक पहुंच गया है। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखा एक पत्र वायरल हुआ। इसमें कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांग की गई है कि शुक्रवार को मीडिया के सामने पीसी चाको को हटाने की मांग करने वाले प्रदेश के नेताओं पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।
दिलचस्प यह है कि पत्र पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन की तरफ से नियुक्त 14 ब्लॉक अध्यक्षों के कथित दस्तखत भी हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के एक नेता ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है। इससे पहले, शुक्रवार को दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल, किरण वालिया, रमाकांत गोस्वामी, पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह कोचर व रोहित मनचंदा ने मीडिया के सामने बयान दिया था कि संदीप दीक्षित के निजी पत्र को पीसी चाको ने लीक किया है।
पत्र में उन्होंने चाको को अपनी मां और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मौत का जिम्मेदार बताया था। पांचों नेताओं ने सोनिया गांधी से चाको के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। शनिवार को मीडिया में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखा एक पत्र वायरल हुआ।
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इसमें कहा गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया में बयानबाजी कर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने अनुशासन का उल्लंघन किया है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, एक नेता ने इस पत्र को फजी करार देते हुए कहा है कि जिन ब्लॉक अध्यक्षों के कथित दस्तखत पत्र में हैं, उनको पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने नियुक्त किया था। अब फर्जी पत्र जारी कर चाको के हक में माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
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दिलचस्प यह है कि पत्र पर पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अजय माकन की तरफ से नियुक्त 14 ब्लॉक अध्यक्षों के कथित दस्तखत भी हैं। दूसरी तरफ, कांग्रेस के एक नेता ने इस पत्र को फर्जी करार दिया है। इससे पहले, शुक्रवार को दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री मंगतराम सिंघल, किरण वालिया, रमाकांत गोस्वामी, पूर्व पार्षद जितेंद्र सिंह कोचर व रोहित मनचंदा ने मीडिया के सामने बयान दिया था कि संदीप दीक्षित के निजी पत्र को पीसी चाको ने लीक किया है।
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पत्र में उन्होंने चाको को अपनी मां और पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की मौत का जिम्मेदार बताया था। पांचों नेताओं ने सोनिया गांधी से चाको के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। कांग्रेस नेताओं ने कहा था कि पूरे मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया जाए। शनिवार को मीडिया में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नाम लिखा एक पत्र वायरल हुआ।
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इसमें कहा गया है कि विधानसभा चुनाव से पहले मीडिया में बयानबाजी कर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं ने अनुशासन का उल्लंघन किया है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हो रही है। ऐसे में इन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उधर, एक नेता ने इस पत्र को फजी करार देते हुए कहा है कि जिन ब्लॉक अध्यक्षों के कथित दस्तखत पत्र में हैं, उनको पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन ने नियुक्त किया था। अब फर्जी पत्र जारी कर चाको के हक में माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।