Delhi: सैनिक फार्म के जंगल में दिखा तेंदुआ, पकड़ने में जुटा वन विभाग; दहशत के बीच रात भर चली गश्त
वन विभाग की टीम ने इसे पकड़े के लिए जंगल में जाल लगाए हैं। असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य के अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया कि हमें शिकायत मिली थी कि रात में यहां एक तेंदुआ देखा गया है।
विस्तार
दक्षिणी दिल्ली स्थित सैनिक फाॅर्म इलाके में शनिवार सुबह तेंदुआ दिखने से दहशत फैल गई है। वन विभाग व पुलिस मौके पर पहुंचकर तेंदुए के रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। देर रात तक कामयाबी नहीं मिल सकी थी। इसके लिए चार टीमें काम कर रही हैं। शाम को तलाश में जुटी वन विभाग की एक टीम को चकमा देते हुए निकल गया। इस दौरान पकड़ने की कोशिश में एक कर्मचारी और स्थानीय निवासी को मामूली चोटें भी आई है। इसका एक सीसीटीवी फुटेज भी वायरल है। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने इलाके में लाउडस्पीकर से मुनादी कर लोगों से घरों में रहने की अपील की। खौफजदा लोगों ने खुद को घरों में कैद कर लिया है। तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम रात में गश्त कर रही है।
#WATCH | The Department of Forests and Wildlife team conducts patrolling around the Sainik Farm area where a Leopard was spotted again. pic.twitter.com/oF43do4nJw
— ANI (@ANI) December 2, 2023विज्ञापन
वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आशंका जताई कि नए रास्ते की तलाश में तेंदुआ नजदीकी असोला भाटी वन्य अभयारण्य से बाहर निकला होगा। इसके पंजों के निशान भी देखे गए हैं। वहीं, सीसीटीवी फुटेज आई है। अधिकारियों का कहना है कि अंधरे में तेंदुआ जंगल में वापस जा सकता है। वन कर्मचारी और अधिकारी गश्त में हैं। तेंदुए को पकड़ने के लिए शनिवार सुबह से ही वन विभाग की दो टीमें जंगल एरिया और दो टीमें बाहर पूरी तरह से मुस्तैद हैं। इसमें तेंदुए को पकड़ने के लिए दो बड़े लोहे के जाल लगाए गए हैं। तेंदुए का वजन अस्सी से नब्बे किलो बताया जा रहा है।
40 कर्मचारियों की टीम पकड़ने में जुटी
वन विभाग असोला भाटी वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के बीट अधिकारी सुबोध कुमार ने बताया विभाग को सूचना मिली थी कि रात में सैनिक फार्म इलाके में तेंदुआ देखा गया है। ऐसे में शनिवार सुबह करीब नौ बजे पुलिस थाने पहुंचे, जहां से यह सूचना पुख्ता हो गई थी। इसके बाद पुलिस के साथ दो टीमें जंगल के इलाके में पहुंची। वहां एक फार्म हाऊस के करीब इस तेंदुए को देख उसे पकड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन तब वह मौका देख वहां से भाग निकला।
उन्होंने बताया कि लगभग 40 कर्मचारियों की चार टीमें इस तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में लगी हैं। जहां पर यह रेसक्यू ऑपरेशन चल रहा है, वहां पुलिस भी मौजूद है, जो लोगों को वहां जुटने नहीं दे रही है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि वे घबराए नहीं और न ही दहशत में आएं।
लाखों लोग रहते हैं आसपास के इलाकों में सैनिक फार्म इलाके के पास नेब सराय और खानपुर जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में लाखों की संख्या में लोग रहते हैं। ऐसे में यहां लोगों में खौफ अधिक है। लोगों ने अपने आपको घरों में बंद कर लिया है। यही नहीं जैसे ही इंटरनेट में यह खबर फैली तो सोशल मीडिया के जरिये लोग अपने दोस्तों के साथ आस पड़ोस के लोगों व रिश्तेदारों को तेंदुए का वीडियो साझा करने लगे। खास कर बच्चों व महिलाओं में तेंदुए का अधिक खौफ है। वन विभाग व पुलिस लोगों को लाउड स्पीकर से अपील कर रही है लोग घरों से न निकले।
तेंदुओं का स्थायी घर है असोला भाटी माइंस
असोला भाटी वन्यजीव अभयारण्य तेंदुओं का स्थायी निवास है। वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यहां पहले भी तेंदुओं को देखा गया है। वह कहते हैं कि यहां छह से सात तेंदुओं की संख्या दर्ज की गई है। वाइल्ड लाइफ विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में अमूमन अपने नए आशियाने की तलाश में तेंदुए नए रास्तों पर निकलते हैं। इस समय घास बढ़ जाती है और तेंदुए को छिपने की जगह मिलती है। यह बिग कैट परिवार का ऐसा जानवर है जो अपने क्षेत्र को बढ़ाता है।
कब-कब दिखे तेंदुए
-मार्च 2021 में असोला भाटी में दिखा तेंदुआ
-जनवरी 2021 में नजफगढ़ के कुछ सीसीटीवी में कैद हुआ
-फरवरी 2019 में तिलपत वैली बायोडायवर्सिटी पार्क में
-अप्रैल 2018 में एयरफोर्स स्टेशन नरेला के पास दिखा
-मार्च 2017 में तीन तेंदुओं का परिवार असोला भाटी में दिखाई दिया
-दिसंबर 2016 में यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क में कई बार दिखा तेंदुआ
-दिसंबर 2015 में उस्मानपुर में दिखा
-फरवरी 2015 में असोला भाटी में तेंदुए के पग चिह्न दिखने के साथ एक चीतल भी मरा हुआ पाया गया