फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Legal advisors will be kept in Delhi Police stations and units

दिल्ली पुलिस के थानों और यूनिटों में रखे जाएंगे कानूनी सलाहकार, साक्षात्कार प्रक्रिया शुरू

Thu, 17 Sep 2020 03:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 17 Sep 2020 03:40 AM IST
विज्ञापन
Legal advisors will be kept in Delhi Police stations and units
दिल्ली पुलिस - फोटो : delhipolice.nic.in

दिल्ली पुलिस अब थानों व यूनिटों में कानूनी सलाहकार रखने जा रही है। ये कानूनी सलाहकार महत्वपूर्ण केस में जांच अधिकारियों की सुबूत एकत्रित करने, केस को कोर्ट में प्रस्तुत करने, जमानत याचिका का जवाब देने और चार्जशीट तैयार और कोर्ट में केस लड़ने में सहायता करेंगे। 

विज्ञापन


इससे जांच की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इसके लिए साक्षात्कार प्रक्रिया मंगलवार से शुरू कर दी गई है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कानूनी सलाहकार रखने की प्रक्रिया को अहम व बड़ा फैसला बता रहे हैं, क्योंकि दिल्ली पुलिस के इतिहास में पहली बार ऐसा होने जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्रालय ने इसकी अनुमति दे दी है।
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस आयुक्त एसएन श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने एक बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली पुलिस अब हर थाने, स्पेशल सेल, अपराध शाखा व आर्थिक अपराध शाखा समेत अन्य यूनिटों में कानूनी सलाहकार रखने जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस में कुल 53 सब-डिवीजन हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इस हिसाब से हर एक सब-डिवीजन में एक कानूनी सलाहकार रखा जाएगा। सब-डिवीजन का प्रभारी सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) होता है और उसके तहत दो से तीन थाने आते हैं। कानूनी सलाहकार के लिए कानून की डिग्री होना जरूरी है। फिलहाल इनको दो वर्ष के लिए अनुबंध पर रखा जाएगा।

पुलिस आयुक्त ने बताया कि कानूनी सलाहकारों के लिए दिल्ली पुलिस में करीब 1200 वकीलों ने आवेदन किया है। वकीलों के लिए साक्षात्कार प्रक्रिया मंगलवार से शुरू हो गई है। साक्षात्कार के बाद इनमें से 75 वकील रखे जाएंगे। इनमें से 53 कानूनी सलाहकार सब-डिवीजनों में रखे जाएंगे, बाकी 22 कानूनी सलाहकार दिल्ली पुलिस की अन्य यूनिटों में रखे जाएंगे। 


उन्होंने बताया कि ये कानूनी सलाहकार महत्वपूर्ण केस में जांच अधिकारियों की सुबूत एकत्रित करने, केस को कोर्ट में प्रस्तुत करने, जमानत याचिका का जवाब देने, चार्जशीट तैयार और केस लड़ने में मदद करेंगे। पुलिस आयुक्त मानते हैं कि कई बार साक्ष्यों के अभाव व जांच ठीक से नहीं होने से आरोपी कोर्ट से बरी हो जाता है। कानूनी सलाहकार रखने से आरोपियों को मिलने वाली सजा का प्रतिशत बढ़ेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed