{"_id":"bd90f80069c36d65a705d647058e443f","slug":"leftout-flats-scheme-lucky-draw","type":"story","status":"publish","title_hn":"लकी ड्रॉ: 1054 लोगों को मिला आशियाना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लकी ड्रॉ: 1054 लोगों को मिला आशियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Sun, 02 Mar 2014 09:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा प्राधिकरण की लेफ्ट आउट फ्लैट योजना के तहत शनिवार को ड्रॉ का आयोजन किया गया। इस योजना के तहत 1054 फ्लैटों के लिए 18 हजार से ज्यादा आवेदन हुए थे।
विज्ञापन
जिन लोगों के आशियाने का सपना पूरा हुआ, वो खुशी से झूम उठे। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में दिनभर ड्रॉ की प्रक्रिया चली।
इंदिरा गांधी कला केंद्र में सुबह 10 बजे से मैनुअल ड्रॉ की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सबसे पहले सेक्टर 66, 93, 110 व सेक्टर 122 स्थित श्रमिक कुंज के फ्लैटों का ड्रॉ आयोजित किया गया। करीब घंटे भर चली प्रक्रिया के दौरान आरक्षित श्रेणी के 13 फ्लैटों का ड्रॉ ही निकाला जा सका।
विज्ञापन
इसके बाद पर्चियां फोल्ड करने में डेढ़ घंटे से ज्यादा समय लग गया। दोपहर साढ़े बारह बजे सामान्य श्रेणी का ड्रॉ शुरू हुआ। श्रमिक कुंज के फ्लैटों का ड्रॉ इसलिए भी अहम था, क्योंकि 630 फ्लैटों के लिए 9733 आवेदन आए थे। पर्चियां दिखाने वाले आवेदनकर्ताओं को ही परिसर में प्रवेश दिया जा रहा था।
विज्ञापन
इसके बाद सेक्टर 99, 20, 73, 82 और सेक्टर 71 के ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का ड्रॉ निकाला गया। दोपहर बाद सेक्टर 71, 135 व सेक्टर 99 के एलआईजी, सेक्टर 99 व 100 स्थित एमआईजी और सेक्टर 61 व 99 स्थित एचआईजी फ्लैटों का ड्रॉ निकाला गया। देर शाम तक ड्रॉ की प्रक्रिया चलती रही। पारदर्शिता के लिए वीडियोग्राफी भी कराई गई। डीसीईओ अखिलेश सिंह सहित तमाम अधिकारी ड्रॉ खत्म होने तक पंडाल में डटे रहे।
मंच पर पहुंची महिला
प्राधिकरण की फ्लैट योजनाओं में कई साल से भाग्य आजमा रही एक महिला के सब्र का बांध टूट गया। आंखों में आंसू भर यह महिला मंच पर पहुंच गई। 1999 से लगातार फ्लैट योजनाओं में आवेदन कर रही इस महिला ने अपने नाम की पर्ची ड्रॉ में निकालने की सिफारिश तक कर डाली, लेकिन अधिकारियों ने ड्रॉ की प्रक्रिया पारदर्शी होने का हवाला देकर उसे वापस लौटने को कहा। हालांकि, इस महिला के हाथों ड्रॉ की पर्चियां भी निकलवाई गई, लेकिन अपने नाम की पर्ची नहीं निकाल पाई।
19 फ्लैटों को नहीं मिले खरीदार
कुल 1073 लेफ्ट आउट फ्लैटों का ड्रॉ होना था, लेकिन 19 फ्लैटों को खरीदार नहीं मिले। एचआईजी श्रेणी के 44 फ्लैटों के लिए महज 37 आवेदन ही हुए थे। ऐसे में सात फ्लैट इस श्रेणी में खाली रह गए। जबकि अलग-अलग श्रेणियों के 12 फ्लैटों का ड्रॉ नहीं हो पाया। ड्रॉ में सफल रहे आवेदकों को अगले एक सप्ताह में आवंटन पत्र दे दिए जाएंगे। आवंटन पत्र मिलने के 30 दिन के अंदर फ्लैट की कुल धनराशि का 30 प्रतिशत चुकाना होगा।
पैसा वापसी अगले सप्ताह से
जिन आवेदकों के फ्लैट नहीं निकल सके हैं, उनका पैसा अगले सप्ताह से लौटाना शुरू कर दिया जाएगा। पंजीकरण राशि का पैसा सीधे बैंक अकाउंट में जमा हो जाएगा। साथ्ा ही जो लोग शनिवार को लेफ्ट आउट स्कीम का ड्रॉ नहीं देख सके वह नोएडा प्राधिकरण की वेबसाइट पर रिजल्ट देख सकते हैं। उम्मीद है कि यह सुविधा आज से शुरू कर दी जाएगी।