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भूकंप: उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक महसूस हुए झटके, 4.9 रही तीव्रता, चमोली में था केंद्र

Tue, 06 Oct 2026 10:33 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटरर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटरर्क, दिल्ली Published by: Akash Dubey Updated Tue, 06 Oct 2026 10:33 PM IST
सार

10:24 बजे उत्तराखंड से दिल्ली-एनसीआर तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सिस्मोलॉजी सेंटर के अनुसार, इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 थी। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में था।

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Earthquake tremors felt in Delhi NCR on Tuesday
भूकंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड से लेकर दिल्ली-एनसीआर तक मंगलवार रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। उत्तराखंड में गढ़वाल से कुमाऊं तक कई जिलों में भूकंप के झटके महसूस हुए हैं। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई। जिसका केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में जमीन की सतह से 13 किलोमीटर गहराई में था। जानकारी के अनुसार, रात करीब 10:24 बजे बागेश्वर, भीमताल, पिथौरागढ़, चंपावत, हल्द्वानी, खटीमा, रुद्रप्रयाग, ऋषिकेश, गोपेश्वर, चमोली, बदरीनाथ में भूकंप के झटके महसूस हुए।

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क्यों आता है भूकंप?
पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है।
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जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?
भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा।

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कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?
भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।

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