Delhi : छोड़िए कार... दफ्तर जाने के लिए अब प्रीमियम बस में हो जाएं सवार, दिल्ली में सेवा शुरू
इनके लिए दिल्ली के साथ दिल्ली-गुरुग्राम के लिए करीब 50 रूट तय किए गए हैं। इन रूटों पर बसें चलने भी लगी हैं। इनकी सेवा सुबह 6:00-10:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 9:00 बजे के बीच मिलेगी।
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राजधानी में प्रीमियम बस योजना के तहत ऊबर ने अपनी सेवा शुरू कर दी है। इनके लिए दिल्ली के साथ दिल्ली-गुरुग्राम के लिए करीब 50 रूट तय किए गए हैं। इन रूटों पर बसें चलने भी लगी हैं। इनकी सेवा सुबह 6:00-10:00 बजे तक और शाम 4:00 बजे से 9:00 बजे के बीच मिलेगी। यात्री सात दिन पहले भी टिकट बुक कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि बसों के रूट कंपनियों ने खुद तय किए हैं। ऐसे में यात्री को तय किए गए रूट पर अपने प्रस्थान का स्थान चुनना होगा। बसों में खड़े होेकर यात्रा नहीं की जाएगी। जितनी सीट होगी उतने की यात्री होंगे।
इससे पहले दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग ने दो कंपनियों ऊबर और आवेग को प्रीमियम बसों के संचालन के लिए लाइसेंस दिया है। कुछ अन्य कंपनियों ने भी लाइसेंस लेेने के लिए परिवहन विभाग को आवेदन दिया है। योजना के तहत लाइसेंस लेने के 90 दिन के भीतर कंपनियों को अपनी सेवा शुरू करनी थी। ऐसे में ऊबर ने अपनी सेवा शुरू कर दी है। वहीं, आवेग जल्द ही सेवा शुरू करेगी। इस योजना के अंतर्गत दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली सीएनजी बसें तीन साल से अधिक पुरानी नहीं होगी। एक जनवरी 2025 के बाद जो नई बसें इस योजना में शामिल की जाएंगी, वो केवल इलेक्ट्रिक बसें होंगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन बसों में सुरक्षा के लिए निगरानी तकनीकी तौर पर की जा रही है। हर तीन माह का डाटा एकत्र किया जाएगा।
सरकार किफायती परिवहन सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध : गहलोतस्कीम के बारे में बताते हुए कहा कि बसों में अधिकतर लोअर मिडिल क्लास और इकोनॉमिक क्लास के लोग यात्रा करते हैं। मिडिल और अपर मिडिल क्लास को अपने निजी वाहनों छोड़कर बसों में सफर करने के लिए प्रेरित करने के लिए ये योजना लाई गई है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि दिल्ली सरकार भरोसेमंद, आरामदायक, किफायती और बेहतर कनेक्टिविटी वाली पब्लिक ट्रांसपोर्ट सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत एक तरफ जहां मोहल्ला बसों को उतारने की तैयारी की जा रही है, वहीं ऑफिस आने-जाने वाले लोगों के लिए प्रीमियम बस सेवा भी शुरू की है। इन बसों में भीड़भाड़ का सामना नहीं करना पड़ेगा, न ही ये बसें हर स्टॉप पर रुकेंगी। लोग अपने निजी वाहनों को छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट में सफर करने के लिए प्रेरित होंगे।
बीते साल योजना की गई थी अधिसूचित
प्रीमियम बस योजना बीते साल अक्तूबर में अधिसूचित की गई थी। दिल्ली में यातायात जाम और वायु प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से प्रीमियम बस एग्रीगेटर स्कीम का लॉन्च किया गया था। इसके अंतर्गत दिल्ली की सड़कों पर चलने वाली सीएनजी बसें तीन साल से अधिक पुरानी नहीं होगी। एक जनवरी 2025 के बाद जो नई बसें योजना में शामिल की जाएंगी, वो केवल इलेक्ट्रिक बसें होंगी। लाइसेंस लेने वाले एग्रीगेटर के बेड़े में कम से कम 25 बसें होनी आवश्यक है। योजना में शामिल होने वाली इलेक्ट्रिक बसों पर लाइसेंस फीस नहीं ली जाएगी। इससे इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा मिलेगा और अधिक से अधिक ई-बसें आ सकेंगी।
यह मिलेगी सुविधा...
- एसी, सीसीटीवी कैमरे, जीपीएस, वाई-फाई और अनाउंसमेंट सिस्टम
- टिकट एप के जरिये बुक होगी और किराए भी डिजिटल माध्यम से करना होगा
- सीटें फुल होते ही बुकिंग अपने आप बंद हो जाएगी
- बसें उन्हीं जगहों पर रुकेंगी, जहां से यात्री ने बस में सवार होने के लिए बुकिंग की है
- बस का किराया डायनेमिक होगा, यानी जैसे-जैसे सीटें भरती जाएंगी, किराया भी थोड़ा बढ़ता जाएगा
- यात्रियों को पिक करने के बाद बसें उन्हें उनके गंतव्य स्थान पर ही छोड़ेंगी