अब दिल्ली मेट्रो से जानिए नोबल विजेताओं के जीवन के किस्से
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दिल्ली मेट्रो के यात्री अब राजीव चौक और आईटीओ मेट्रो स्टेशन पर नोबल विजेताओं की कहानियों से रूबरू हो सकेंगे। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन में शनिवार को डीएमआरसी के एमडी डॉ. मंगू सिंह और स्वीडन दूतावास के राजदूत हेराल्ड सैंडबर्ग ने इस नोबल वॉल का उद्घाटन किया।
डॉ. मंगू सिंह ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य नोबेल पुरस्कार के प्रति जागरूकता पैदा करना है, ताकि वे महान व्यक्तियों के बारे में महज अखबारों की सुर्खियों से एक दिन ही रूबरू न हों।
हेराल्ड सैंडबर्ग ने कहा कि लोगों में जागरूकता के लिए दिल्ली मेट्रो एक बेहतर माध्यम है।
यात्रियों के लिए क्विज कॉम्पिटीशन
क्योंकि दुनिया के बड़े पब्लिक ट्रांसपोर्ट में दिल्ली मेट्रो शामिल हो चुकी है, जिसमें प्रतिदिन करीब 28 लाख से अधिक यात्री सफर करते हैं।
दोनों मेट्रो स्टेशन की दीवार पर वर्ष 1968 से 2014 तक आठ नोबल विजेताओं के नाम शामिल हैं। इसमें पहला नाम हरगोबिंद खुराना का होगा, जिन्हें वर्ष 1968 में भारत का पहला नोबेल पुरस्कार मिलने का श्रेय मेडिसिन के क्षेत्र में सराहनीय खोज के लिए जाता है।
फिजिक्स के क्षेत्र में सुब्रमणियम चंद्रशेखर, इकोनॉमिक्स के क्षेत्र में उत्कृष्ट काम करने पर अमृता सेन, समाजसेवा के लिए मदर टेरेसा, साहित्य के लिए रविंद्र नाथ टैगोर, केमिस्ट्री में वैंकेटरमन रामकृष्ण, फिजिक्स में सीवी रमन व बच्चों पर काम करने वाले कैलाश सत्यार्थी का नाम शामिल हैं। इसके अलावा यात्रियों के लिए क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही हैं।