पनामा पेपर खुलासे के बाद अगस्ता वेस्टलैंड मामले में वकील गिरफ्तार
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विदेश में बेनामी संपत्तियों में निवेश से संबंधित पनामा पेपर खुलासे के बाद पहली गिरफ्तारी हुई है। ईडी ने दिल्ली के वकील गौतम खेतान को गिरफ्तार किया है।
खेतान पर 23 सितंबर 2014 में कथित तौर पर आगस्ता वेस्टलैंड डील मामले में रिश्वत के लेनदेन का आरोप है। उनका नाम पनामा पेपर खुलासे में भी सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक खेतान ने एयरोमैट्रिक्स बोर्ड से मेहरसन्स ज्वैलर्स के मालिक अश्विनी कुमार मेहरा के बेटे नवीन के पक्ष में एक संदर्भ पत्र जारी किया था।
नवीन मेहरा दो अपतटीय पनामा कानूनी फर्म मोसाक फोनसेका द्वारा पंजीकृत संस्थाओं में निदेशक थे। बता दें कि हाल ही में आयकर विभाग ने पूछताछ के लिए तीनों व्यापारियों के घरों के दरवाजे खटखटाए थे।
खुलासे के बाद विभाग ने भेजा था सस्टैंडर्ड प्रश्नावली का सेट
आयकर अधिकारियों ने बताया था कि विभाग सबसे पहले उन लोगों का सर्वे कर रही है जिन्होंने अधिकारियों को लिखित में यह बात कही है कि उनका टैक्स बचाने के लिए बनाई गई कंपनियों से कोई लेना देना नहीं है।
जानकारी के मुताबिक दिल्ली के जिन तीन व्यापारियों का सर्वे किया गया उनमें से दो ऐसे हैं जिन्होंने टैक्स बचाने के लिए ब्रिटिश वर्जिन आईलैंड में कंपनी बनाई थी। वहीं, तीसरे व्यापारी ने संयुक्त अरब अमीरात में कंपनी बनाई थी।
इससे पहले पनामा पेपर खुलासे में जिन लोगों का भी नाम सामने आया है विभाग ने सबको एक स्टैंडर्ड प्रश्नावली का सेट भेजा था। इसके साथ ही कुछ खास प्रश्नों का एक सेट अलग से भी भेजा गया था।