‘आप’ सरकार को नहीं रास आ रहे कानून मंत्री
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आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को कानून मंत्री रास नहीं आ रहे हैं। पहले 49 दिन की सरकार में तत्कालीन कानून मंत्री सोमनाथ भारती के नाम पर बवाल मचा था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने से पार्टी की खासी किरकिरी भी हुई थी।
वहीं, मौजूदा सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की डिग्री पर उठे विवाद का अंत होता नहीं दिख रहा है। मंत्री की गिरफ्तारी से पार्टी के साथ पूरी सरकार बैकफुट पर है।
दरअसल, 49 दिन की ‘आप’ सरकार के कानून मंत्री सोमनाथ भारती की तरफ से खिड़की एक्सटेंशन में नाइजीरिया के लोगों के खिलाफ की गई कार्रवाई से बड़ा विवाद हुआ था। अपने मंत्री के हक में तत्कालीन मुख्यमंत्री केजरीवाल ने रेल भवन के सामने धरना दिया था।
गणतंत्र दिवस से चंद दिनों पहले एक मुख्यमंत्री के इंडिया गेट के नजदीक धरने पर बैठने से पार्टी की खासी किरकिरी हुई थी। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी रैली में केजरीवाल को अराजक तक कह दिया था। यही वजह रही कि दूसरी बार सरकार बनने पर भारती को कैबिनेट में जगह नहीं मिली।
तोमर बने मंत्री फर्जी डिग्री का जुड़ गया विवाद
इसकी जगह नई कैबिनेट में जितेंद्र तोमर को कानून मंत्री बनाया गया। लेकिन मंत्री पद की शपथ लेते ही तोमर के साथ फर्जी डिग्री बनवाने का आरोप चस्पा हो गया। इस मसले पर पिछले तीन महीने में बार-बार आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा।
मामला अदालत में भी लंबित है। वहीं, पिछली बार की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री केजरीवाल अपने मंत्री साथ खड़े दिखे। उन्होंने पूरे विवाद में तोमर को क्लीन चिट दे रखी है।
लेकिन मंगलवार सुबह पुलिस की कार्रवाई ने दिल्ली की सियासत में बड़ी हलचल पैदा की। पुलिस ने कानून मंत्री को डिग्री के फर्जीवाड़े के आरोप में हवालात पहुंचा दिया। हालांकि, पार्टी के साथ पूरी सरकार अभी भी कानून मंत्री के साथ खड़ी है।
गिरफ्तारी के बाद जहां आशुतोष, कुमार विश्वास समेत दूसरे नेता बसंत विहार स्थित जेल पहुंचे। वहीं, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मीडिया के साथ तोमर का पूरा बचाव किया। इस दौरान उपराज्यपाल व केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए गए।