बड़े स्तर पर जाट आंदोलन की तैयारी, धारा-144 लागू
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जाट आरक्षण को लेकर एक फिर से आंदोलन गरमाने लगा है। हिसार में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक को लेकर गुड़गांव समेत अन्य जिलों में प्रशासन सतर्क रहा।
आनन-फानन में बृहस्पतिवार को जिलाधीश टीएल सत्यप्रकाश ने जिले में धारा-144 लगा दी है। बुधवार को सभी थानों के साथ एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है और उन्हें अपने स्तर पर तत्काल निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है।
जाट आरक्षण में चल रही गतिविधियों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल समेत आला अधिकारी नजर बनाए हुए हैं। हिसार में होने वाली बैठक में आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष समेत जाट समुदाय के अन्य संगठनों के नेता वहां गए थे।
फिर से आंदोलन की बात कर रहे जाट समुदाय के नेताओं पर जिला प्रशासन की सख्त नजर है। पुलिस की सीआईडी टीम भी नेताओं की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन पूरी तरह बृहस्पतिवार को अलर्ट रहा।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट से भी अपने इलाके में होने वाली गतिविधियों की जानकारी मांगी गई। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष रंजीत सिंह शेहरावत ने बताया कि बैठक में गुड़गांव से 100 से अधिक लोग शामिल हुए थे।
72 घंटे का अल्टीमेटम खत्म होने के बाद यह बैठक हिसार में हुई, लेकिन आंदोलन से पहले सरकार ने शुक्रवार को बुलाया है। इसमें अगर सहमति बनी तो आंदोलन नहीं होगा। फेल होने की सूरत में फिर से जिले में आंदोलन की शुरुआत होगी। इसके लिए केंद्रीय नेतृत्व ने पहले ही आदेश दे दिया है।
15 मई तक के लिए लगी धारा-144
बड़े स्तर पर आंदोलन की रणनीति तैयार है। इधर, अधिकारियों को दिशा निर्देश देते हुए उपायुक्त टीएल सत्यप्रकाश ने कहा कि जिले के शांतिपूर्ण माहौल को किसी भी कीमत पर खराब नहीं होने दिया जाएगा। ड्यूटी मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी मिलकर निर्णय लें।
धरना प्रदर्शन करने वाले आंदोलनकारियों के साथ बातचीत करें और समस्या का हल निकालने का प्रयास करें। ऐसे में अधिकारी व्यक्तिगत छवि तथा सूझबूझ से काम करें। जिलाधीश टी एल सत्यप्रकाश ने जाट आरक्षण के संभावित आंदोलन के दृष्टिगत सुरक्षा कारणों से एहतियात के तौर पर जिले में धारा-144 लगाते हुए निषेधाज्ञा जारी की है।
जारी आदेशों में 5 या इससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके अलावा, घातक शस्त्र जैसे तलवार, गंडासा, लाठी, बरछा, भाला, जैली, चाकू, साइकिल चेन, आग्नेय अस्त्रों तथा अन्य प्रकार के हथियार लेकर चलने परपाबंदी लगा दी गई।
इसके साथ ही सड़क, रेलवे ट्रैक जाम करना, वाटर चैनल तथा पावर हाउस आदि में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधियों पर भी प्रतिबंध रहेगा। यह आदेश 15 मई तक प्रभावी रहेगा आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा-188 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।