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आखिर समय पर कैसे तैयार होगा होंडा चौक फ्लाईओवर
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Fri, 01 Apr 2016 09:41 AM IST
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दिल्ली-गुड़गांव एक्सप्रेस वे स्थित होंडा चौक पर तैयार हो रहे फ्लाईओवर के रास्ते में दुकानदार बाधक बन गए हैं। हुडा ने फ्लाईओवर के लिए जिस साइट को तोड़ने का नोटिस चस्पा किया उस पर बनी दुकानों के मालिकों ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कोर्ट ने हुडा के तोड़फोड़ नोटिस पर स्थगन आदेश जारी कर दिया है।
बता दें कि हुडा की ओर से फ्लाईओवर के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन पर कब्जा दिया जाना है। जयपुर की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के निर्माण के लिए कब्जा दिया जा चुका है। अब दिल्ली की ओर से बनने वाले फ्लाईओवर की जमीन पर नजर है। खाड़सा गांव की जिस जमीन को हुडा अपनी बता रहा है किसानों व दुकान मालिकों ने उसे लेकर हाईकोर्ट की शरण ली है।
हुडा की ओर से चौक की दुकानें हटाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने उसे रोक दिया है। जमीन मालिकों ने इस स्थगन आदेश को एसडीएम व हुडा के संपदा अधिकारी को भिजवा दिया है। ऐसे में अब फ्लाईओवर निर्माण में देरी हो सकती है।
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बताया गया है कि दो बीघा 4 बिस्वा जमीन को लेकर विवाद है। चौक पर रेस्टोरेंट चलाने वाले सीताराम सिंहल कहते हैं कि हुडा जिनकी जमीन ले रहा है, उनको विस्थापित कर रहा है। ऐसे में उनकी दुकान के आसपास जितनी जमीन की आवश्यकता है वह देने को तैयार हैं मगर उसकी आड़ में पूरे परिसर की तोड़फोड़ करने की जो योजना है इसका विरोध है। अगर उन्हें ढहाया जाता है तो उनको बगल में स्थित हुडा की जमीन पर कब्जा दिया जाय।
क्या है मामला
हुडा जिस जमीन पर 1988 में सेक्सन चार जारी कर सेक्टर 37 बनाना चाहता था उसी जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद है। किसानों की ओर से मुआवजा नहीं लिया गया था। किसानों ने उसे किसी और को बेच दी है। वर्तमान में कुछ जमीन खरीददारों और कुछ किसानों के कब्जे में है। हुडा इसे अपनी जमीन बताकर हाइवे अथॉरिटी को फ्लाईओवर के लिए देना चाहता है। इस पर स्थगन आदेश हुआ है।
किसानों की यह है परेशानी
खांडसा गांव के रहने वाले धर्म सिंह कहते हैं कि उन्होंने जिनको अपनी जमीन बेची थी वह आज सेक्टर 37 में फैक्ट्री चला रहे हैं। क्योंकि सेक्टर-10 को जोड़ने वाली सड़क में उस जमीन का हिस्सा पड़ गया था। हुडा ने उस जमीन को लेने के बाद औद्योगिक प्लॉट आवंटित किया है। लेकिन जिन किसानों की जमीन उनके पास है वह मुआवजे, प्लाट और विस्थापन के लिए धक्के खा रहे हैं।
इसे भी जाने..
: नवंबर 2014 में फ्लाईओवर बनाने की शुरुआत हुई थी।
: मई 2017 में पूरा होने का लक्ष्य है।
: तीन लाख से अधिक वाहन रोजाना फ्लाईओवर से गुजरेंगे।
: 200 करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट
: प्रशासन व सरकार की ओर से समय पर नहीं मिल रहा है सहयोग।
: जमीन पर कब्जा और बिजली की लाइनें हटाने की वजह से देरी।
क्या कहते हैं अधिकारी
संपदा अधिकारी-2 तरूण पावरिया कहते हैं कि होंडा चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर की राह में आने वाली जमीन पर कार्रवाई हुडा एक्ट के तहत ही की जा रही है।
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बता दें कि हुडा की ओर से फ्लाईओवर के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी को जमीन पर कब्जा दिया जाना है। जयपुर की ओर जाने वाले फ्लाईओवर के निर्माण के लिए कब्जा दिया जा चुका है। अब दिल्ली की ओर से बनने वाले फ्लाईओवर की जमीन पर नजर है। खाड़सा गांव की जिस जमीन को हुडा अपनी बता रहा है किसानों व दुकान मालिकों ने उसे लेकर हाईकोर्ट की शरण ली है।
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हुडा की ओर से चौक की दुकानें हटाने को लेकर नोटिस जारी किया गया है। हाईकोर्ट ने उसे रोक दिया है। जमीन मालिकों ने इस स्थगन आदेश को एसडीएम व हुडा के संपदा अधिकारी को भिजवा दिया है। ऐसे में अब फ्लाईओवर निर्माण में देरी हो सकती है।
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बताया गया है कि दो बीघा 4 बिस्वा जमीन को लेकर विवाद है। चौक पर रेस्टोरेंट चलाने वाले सीताराम सिंहल कहते हैं कि हुडा जिनकी जमीन ले रहा है, उनको विस्थापित कर रहा है। ऐसे में उनकी दुकान के आसपास जितनी जमीन की आवश्यकता है वह देने को तैयार हैं मगर उसकी आड़ में पूरे परिसर की तोड़फोड़ करने की जो योजना है इसका विरोध है। अगर उन्हें ढहाया जाता है तो उनको बगल में स्थित हुडा की जमीन पर कब्जा दिया जाय।
क्या है मामला
हुडा जिस जमीन पर 1988 में सेक्सन चार जारी कर सेक्टर 37 बनाना चाहता था उसी जमीन के टुकड़े को लेकर विवाद है। किसानों की ओर से मुआवजा नहीं लिया गया था। किसानों ने उसे किसी और को बेच दी है। वर्तमान में कुछ जमीन खरीददारों और कुछ किसानों के कब्जे में है। हुडा इसे अपनी जमीन बताकर हाइवे अथॉरिटी को फ्लाईओवर के लिए देना चाहता है। इस पर स्थगन आदेश हुआ है।
किसानों की यह है परेशानी
खांडसा गांव के रहने वाले धर्म सिंह कहते हैं कि उन्होंने जिनको अपनी जमीन बेची थी वह आज सेक्टर 37 में फैक्ट्री चला रहे हैं। क्योंकि सेक्टर-10 को जोड़ने वाली सड़क में उस जमीन का हिस्सा पड़ गया था। हुडा ने उस जमीन को लेने के बाद औद्योगिक प्लॉट आवंटित किया है। लेकिन जिन किसानों की जमीन उनके पास है वह मुआवजे, प्लाट और विस्थापन के लिए धक्के खा रहे हैं।
इसे भी जाने..
: नवंबर 2014 में फ्लाईओवर बनाने की शुरुआत हुई थी।
: मई 2017 में पूरा होने का लक्ष्य है।
: तीन लाख से अधिक वाहन रोजाना फ्लाईओवर से गुजरेंगे।
: 200 करोड़ रुपये का है प्रोजेक्ट
: प्रशासन व सरकार की ओर से समय पर नहीं मिल रहा है सहयोग।
: जमीन पर कब्जा और बिजली की लाइनें हटाने की वजह से देरी।
क्या कहते हैं अधिकारी
संपदा अधिकारी-2 तरूण पावरिया कहते हैं कि होंडा चौक पर बनने वाले फ्लाईओवर की राह में आने वाली जमीन पर कार्रवाई हुडा एक्ट के तहत ही की जा रही है।