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शर्मनाक: इस अस्पताल के सामने महिला ने दिया बच्चे को जन्म, सभी देख हुए सन्न

Fri, 06 Apr 2018 10:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 06 Apr 2018 10:23 AM IST
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lady delivered child at the gate of lal bahadur shastri hospital
lal bahadur hospital - फोटो : अमर उजाला

भारतीय चिकित्सा जगत में आए दिन नए मुकाम हासिल करने वाली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक घटना ने पूरे स्वास्थ्य क्षेत्र को शर्मिंदा कर दिया है। पूर्वी दिल्ली के एक अस्पताल में गुरुवार को एक शर्मनाक घटना हुई। अस्पताल के बाहर ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया, जिसे देख वहां मौजूद हर कोई सन्न रह गया।

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आनन फानन में महिलाएं मरीज की ओर दौड़ पड़ी। किसी ने नवजात शिशु को उठाया तो किसी ने महिला को संभाला। कुछ महिलाओं ने शिशु को तुरंत कपड़े से ढ़का। महिला के परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों के इलाज से इंकार करने के बाद जब वे वापस जा रहे थे तो महिला को प्रसव पीड़ा बढ़ गई और इमरजेंसी गेट के बाहर बेटे को जन्म दिया।
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दरअसल नोएडा सेक्टर छह निवासी 22 वर्षीय उमा अपने पति चंद्रभान के साथ खिचड़ीपुर स्थित लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंची। जैसा कि चंद्रभान ने बताया, गुरुवार सुबह अस्पताल पहुंचने में पर्ची कटाने के बाद जब वे गायनी ओपीडी में पहुंचे तो वहां मौजूद डॉक्टर ने उससे पुराना मेडिकल रिकॉर्ड मांगा।
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महिला ने जब पुराना रिकॉर्ड नहीं होने की बात कही तो डॉक्टर ने उसे वहां से भगा दिया। महिला जब बाहर निकली तो अस्पताल परिसर में इमरजेंसी गेट पर ही महिला की प्रसूति हो गई। मौके पर पुलिस भी पहुंची और महिला व उसके बच्चे को भर्ती भी कराया। हालांकि पुलिस ने खबर लिखे जाने तक शिकायत न मिलने की बात भी कही है।

अस्पताल में मची भगदड़, छूटे पसीने

lady delivered child at the gate of lal bahadur shastri hospital
lal bahadur hospital - फोटो : अमर उजाला

गेट के बाहर सड़क पर महिला की प्रसूति की बात अस्पताल में फैलते ही एक तरह की भगदड़ सी मच गई। डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग स्टाफ तक हर कोई इस मामले को रफा दफा करने में जुट गया।

 

आनन फानन में महिला और नवजात शिशु को भर्ती कराया। साथ ही उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। डॉक्टरों की मानें तो फिलहाल दोनों ही स्वस्थ्य हैं।       

महिला को ही बताया कसूरवार
इस घटना के बाद जब अस्पताल के डॉक्टरों और प्रबंधन पर सवाल खड़े हुए तो उन्होंने महिला को ही कसूरवार ठहरा दिया। साथ ही आरोप का खंडन करते हुए कहा कि महिला उमा डॉक्टर के पास पहुंची ही नहीं थी।
 

जबकि वहां मौजूद तिमारदारों का कहना है कि डॉक्टरों ने उमा और उसके पति को कई बार चक्कर लगवाए थे। बाद में डॉक्टर ने पुराना रिकॉर्ड न होने की वजह से इलाज नहीं करने की बात भी कही थी।       

जांच के लिए बनाई कमेटी
अस्पताल की चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अमिता सक्सेना ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला डॉक्टर के पास नहीं पहुंची थी।

फिर भी इसकी तह तक जाने के लिए एक जांच कमेटी बनाई है। यह घटना वाकई शर्मनाक है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूर होगी।

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