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Delhi: गर्भ में ऑक्सीजन का अभाव करता है भ्रूण मस्तिष्क का विकास, स्टेम कोशिकाओं का होता है विकास

Tue, 11 Apr 2023 03:45 AM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 11 Apr 2023 03:45 AM IST
सार

दिल्ली एम्स ने अक्टूबर 2018 से हुए गर्भपात से प्राप्त पांच भ्रूण पर अध्ययन किया। इस दौरान देखा गया कि गर्भ में ऑक्सीजन के अभाव में क्या, किसी प्रकार का नुकसान हो सकता है। इस अध्ययन में पाया गया कि गर्भ में रहते हुए भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है।

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Lack of oxygen in the womb impairs fetal brain development
एम्स, दिल्ली - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गर्भ में पल रहे भ्रूण को सामान्य वातावरण के मुकाबले कम ऑक्सीजन प्राप्त होता है। यह भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए जरूरी है। साथ ही भ्रूण को कुछ अन्य फायदे भी होते हैं। जबकि बच्चे के जन्म के बाद उसके मस्तिष्क में सामान्य ऑक्सीजन का संचार होता है, जिसकी मदद से दिमाग के विकास की आगे की गतिविधि होती है।

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दरअसल अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली ने अक्टूबर 2018 से हुए गर्भपात से प्राप्त पांच भ्रूण पर अध्ययन किया। इस दौरान देखा गया कि गर्भ में ऑक्सीजन के अभाव में क्या, किसी प्रकार का नुकसान हो सकता है। इस अध्ययन में पाया गया कि गर्भ में रहते हुए भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के लिए कम ऑक्सीजन की जरूरत होती है। ऑक्सीजन के अभाव में भ्रूण के मस्तिष्क में मौजूद तंत्रिका स्टेम कोशिकाएं विभिन्न प्रकार की मस्तिष्क कोशिकाओं जैसे न्यूरॉन्स और ग्लियल में अंतर करती हैं।

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इस अध्ययन के संबंध में एम्स में जैव रसायन विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. सुदीप सेन ने बताया कि आम तौर पर, विकासशील भ्रूण सामान्य वयस्कों की तुलना में मां के गर्भ में कम ऑक्सीजन के संपर्क में रहते हैं। अध्ययन में पाया गया कि ऑक्सीजन की कमी से फायदा होता है। जांच में पाया गया कि गर्भ में पल रहे भ्रूण के मस्तिष्क के स्टेम सेल सामान्य ऑक्सीजन सांद्रता और कम ऑक्सीजन सांद्रता के संपर्क में थे। ऑक्सीजन की कमी के कारण जीन की अभिव्यक्ति में परिवर्तन दिखे। हमारे निष्कर्षों से पता चला है कि हाइपोक्सिया के संपर्क में आने पर न्यूरोजेनेसिस से जुड़े कई जीन समृद्ध हुए थे।

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वातावरण में 20 फीसदी ऑक्सीजन

वातावरण में करीब 20 फीसदी तक ऑक्सीजन की मात्रा रहती है। जन्म के बाद बच्चे के मस्तिष्क में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन की जरूरत होती है जिससे दिमाग का विकास होता है। डॉक्टरों का कहना है कि वहीं भ्रूण में रहते हुए इसकी ऑक्सीजन की मात्रा जन्म के बाद के मुकाबले काफी कम होती है।

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