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स्कूल में सुविधाओं का अभाव, अध्यापकों की भी कमी

Thu, 11 Feb 2016 07:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव Updated Thu, 11 Feb 2016 07:37 PM IST
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Lack of facilities in school, lack of teachers.

प्रदेश सरकार भले ही शिक्षा के स्तर को सुधारने के बडे़-बडे़ दावे कर रही हो, लेकिन मेवात में अभी भी ये दावे सफेद हाथी साबित हो रहे हैं। बिना स्टाफ व संसाधनों के यहां शिक्षा की स्थिति बेहद दयनीय है।

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इसी की बानगी पेश करता है नूंह खंड के गांव रेवासन का राजकीय माध्यमिक विद्यालय। उक्त स्कूल के प्रांगण में कन्या विद्यालय भी चलता है, जिसमें न तो पर्याप्त स्टाफ है और न ही अन्य सुविधाएं।
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डेस्क न होने पर यहां लड़कियां फर्श पर बैठकर शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। छोटे बच्चों की कक्षाएं भी खुले में जमीन पर लगाई जा रही हैं।

इसके अलावा स्कूल में पानी की बड़ी समस्या है, तो शौचालयों की हालत भी दयनीय है। इसके चलते सरकार का बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान महज एक दिखावा साबित हो रहा है।
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250 बच्चों पर एक अध्यापक

राजकीय कन्या विद्यालय रेवासन की छठी, सातवीं और आठवीं कक्षा में करीब 250 लड़कियां शिक्षा प्राप्त करती हैं, लेकिन इन्हें पढ़ाने के लिए केवल एक अध्यापक है।

इसके चलते यहां शिक्षा की स्थिति कैसी होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इतना हीं नहीं स्कूल में बच्चियों के बैठने के लिए डेस्क नहीं है और उनकी कक्षाएं खुले बरामदे में लगाई जाती हैं।


ग्रामीणों ने लिया जायजा

बृहस्पतिवार को रेवासन गांव की सरपंच नैना देवी के पति प्रीतम, इस्लाम नंबरदार, शाहिद पंच, आजाद पंच, इरफान नंबरदार, उस्मान फौजी, कमरू डॉक्टर और साहून आदि ने जागरूकता का परिचय देते हुए स्कूल का जायजा किया।

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