12वीं में नाकामी के बाद सहवाग को नहीं मिल रहा था किसी कॉलेज में एडमिशन, फिर यहां मिली राह
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क्योंकि यदि दाखिले के बाद मुझे क्लास अटेंड करने की बजाय खेलने पर तत्कालीन प्रो. नूर मोहम्मद ने सहयोग नहीं दिया होता तो मैं क्रिकेटर नहीं बन पाता। अटेंडेंस शार्ट होने पर मुझे पूर्व कुलपति रिटायर्ड ले.ज. एमए जकी के पास ले जाया गया तो प्रो. नूर ने कहा था कि सर इसे परीक्षा में बैठने दें, क्योंकि यह एक दिन टीम इंडिया में शामिल होकर दुनिया भर में जामिया का नाम रोशन करेगा।
इन शब्दों के साथ टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग की आंखें नम हो गयी। वीरेंद्र सहवाग शनिवार को जामिया मिल्लिया इस्लामिया कैंपस में भोपाल ग्राउंड के नामकरण पर छात्रों और शिक्षकों को संबोधित कर रहे थे। जामिया कैंपस में भोपाल ग्राउंड का नाम नवाब मंसूर अली खान पटौदी के नाम पर कर दिया गया। कार्यक्रम में नवाब मंसूर अली खान पटौदी की पत्नी व बॉलीवुड अभिनेत्री शर्मिला टैगोर भी मौजूद थीं।
शर्मिला ने कहा कि यह एक यादगार लम्हा है कि उनके पति के नाम पर क्रिकेट ग्राउंड का नाम रखा गया। पटौदी हमेशा क्रिकेट के विकास के लिए काम करते रहे और अब इस ग्राउंड के माध्यम से लोग उन्हें जानेंगे।इस ग्राउंड में जामिया के पूर्व छात्र व टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी वीरेंद्र सहवाग पवेलियन भी होगा। कुलपति प्रो. तलत अहमद ने छात्रों को विस्तार से जानकारी दी कि भोपाल ग्राउंड से नवाब पटौदी खानदान का क्या रिश्ता है। यह जमीन पटौदी की रियासत का हिस्सा था और जामिया को दी गयी थी।
सेल्फी लेने की धूम, करीना अच्छी बहू
कार्यक्रम में बेशक शर्मिला भी मौजूद थीं, लेकिन छात्रों से लेकर शिक्षकों में वीरेंद्र सहवाग के साथ सेल्फी लेने की धूम मची रही। कोई पांच सौ के नोट पर ऑटोग्राफ लेता दिखा, तो कहीं हाथ पर साइन किए गए। हालांकि कुछ महिला प्रोफेसर जरूर शर्मिला के साथ फोटो लेती दिखीं। शर्मिला कहती हैं कि करीना एक अच्छी बहू है।