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ट्रैफिक रूल्स जानते हैं पर मानते नहीं
ओम प्रकाश/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Tue, 13 May 2014 06:03 PM IST
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फरीदाबाद के लोग ट्रैफिक रूल्स जानते हुए भी उसे तोड़ने से बाज नहीं आ रहे हैं। इसकी बड़ी वजह ट्रैफिक पुलिस का लचर रवैया है। जरा पुलिस नाकों पर गौर करें तो दिखेगा कि ट्रैफिक पुलिसकर्मी ज्यादातर बाइक सवारों को ही रोकते हैं, जबकि अवैध रूप से लाल बत्ती या फिर काली फिल्म लगी गाड़ियों पर जल्दी हाथ नहीं डालते।
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लोगों का कहना है कि अगर पुलिसकर्मी सबके साथ एक सा सलूक करें तो नजारा कुछ और हो। ‘अमर उजाला’ ने शहर के चौक-चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस के सामने नियमों का मखौल उड़ते देखा। पेश है संवाददाता ओम प्रकाश एवं फोटोग्राफर गौरव चौधरी की रिपोर्ट।
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आम आदमी की कटी जेब
ट्रैफिक पुलिस कभी-कभार नियमों का पालन करने पर सख्ती करती है। जब भी ऐसा हुआ है तो एक तरह से आम आदमी की जेब कटी है। कुछ माह पहले पुलिस ने ऑटो वालों पर नकेल कसी। कहा कि सिर्फ पांच-छह सवारियां ही ऑटो में बैठेंगी। इस आदेश के बाद न्यूनतम किराया 7 रुपये से बढ़कर 10 रुपये हो गया।
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नीलम चौक से बदरपुर बॉर्डर का किराया 15 रुपये से बढ़कर 20 रुपये हो गया, लेकिन कुछ दिन बाद पुलिस के यह आदेश हवाई हो गए। ऑटो में आगे की सीट लग गई। पीछे की सीट सज गई। पांच की जगह 15 सवारियां बैठने लगीं। ट्रैफिक पुलिस के सामने यह मनमानी हो रही है।
मिक्सचर मशीन पर भी सवारी
चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती के बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर ट्रैक्टरों एवं सीमेंट-बजरी मिक्सचर मशीन पर भी सवारी कर रहे हैं। यह सुनकर हैरानी होगी, लेकिन शहर की सड़कों पर ऐसे नजारे देखे जा सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस के सामने ही लोग नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नजर आते हैं। पुलिस खुद उन्हें आगे निकलने का इशारा करती रहती है।
सुविधा शुल्क से नहीं चूकते
ऐसा नहीं है कि सभी ट्रैफिक पुलिस वाले एक से होते हैं, लेकिन यह सच्चाई है कि कई पुलिस वाले मौका देखते ही सुविधा शुल्क के लेन-देन से भी नहीं चूकते। ऐसे सीन जनता को अक्सर देखने को मिलते हैं।
चूक तोड़ सकती है सांसों की डोर
रोड सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एसके शर्मा का कहना है कि जीवन की सुरक्षा के लिए यातायात नियमों का पालन जरूरी है। सड़क पर आपकी जरा सी चूक से सांसों की डोर कभी भी टूट सकती है। लोगों को यह मानसिकता बदलनी होगी कि पुलिस से बचने के लिए नियम का पालन जरूरी है। असल बात तो ये है कि नियम तोड़कर आप खुद की जान को खतरे में डाल रहे होते हैं।
यहां से गुजरें तो रफ्तार पर लगाएं लगाम
शहर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां हर रोज कोई न कोई वाहन भिड़ जाता है। इनमें अजरौंदा चौक, नीलम चौक, बीके चौक, एक-दो चौक, हार्डवेयर चौक, सिटी मॉल के सामने, चार-पांच चौक, गुड़गांव रोड-सैनिक कॉलोनी चौक, खेड़ी पुल, एसओएस-पुलिस लाइन तिराहा, बल्लभगढ़ चौक, एल्सन कॉटन मोड़ एवं सीकरी शामिल हैं। रोड सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, जिले भर में होने वाले सड़क हादसों में सबसे ज्यादा इन्हीं चौराहों के आसपास होते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
-सड़क पर निर्धारित गति सीमा का पालन करें।
-सड़क पर लगे संकेतकों के प्रति गंभीरता बरतें।
-यात्रा के दौरान बड़े वाहनों से रेस न लगाएं।
-जल्दबाजी के चक्कर में अपनी सही साइड न भूलें।
-वाहन ओवरलोड न चलाएं।