अपने पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गए अटल जी, कौन होंगे उनके उत्तराधिकारी
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देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन गुरुवार(16 अगस्त) को हो गया। उन्होंने 5 बजकर 5 मिनट पर अंतिम सांस ली। वाजपेयी जी 2009 से ही व्हीलचेयर पर थे। अपने पीछे वो एक बड़ी विरासत छोड़ गए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनका वारिस कौन है...
उनके पिता कृष्णबिहारी टीचर और मां कृष्णा देवी घरेलू महिला थीं। उनका परिवार काफी भरा-पूरा था। उनके परिवार में तीन बड़े भाई अवध बिहारी, सदा बिहारी और प्रेम बिहारी वाजपेयी के साथ ही तीन बहनें थीं।
अटल जी की शुरुआती शिक्षा सरस्वती शिक्षा मंदिर, बाड़ा में हुई। इसके अलावा उनके कई रिश्तेदार ग्वालियर में भी रहते हैं। इनमें उनकी भांजी करुणा शुक्ला और भतीजी कांति मिश्रा हैं। वहीं, ग्वालियर में अटल जी के भतीजे दीपक वाजपेयी और भांजे सांसद अनूप मिश्रा हैं।
वैसे तो अटल जी जीवन भर अविवाहित रहे लेकिन जब वह 1998 में प्रधानमंत्री बने तो उनकी दोस्त राजकुमारी कौल की बेटी और उनकी दत्तक पुत्री नमिता और उनके पति रंजन भट्टाचार्य का परिवार उनके साथ रहने आया।
इतनी थी उनकी संपत्ति
गौरतलब है कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तो उन्हें घर की सदस्य बताया जाता था। उनके निधन के बाद जब वाजपेयी जी के आवास से प्रेस रिलीज जारी हुई थी तो उसमें भी राजकुमारी कौल को घर की सदस्य के रूप में संबोधित किया गया।
2004 के लोकसभा चुनाव में अटल जी द्वारा भरे गए शपथ पत्र को आधार बनाए तो उनकी कुल चल संपत्ति 30,99,232.41 रुपये थी। वहीं अगर अचल संपत्ति की बात की जाए तो कुल अचल संपत्ति 28,00,000 रुपये थी।
इसमें ईस्ट ऑफ कैलाश में फ्लैट नं. 509 है। 2004 में जिसकी कीमत 22 लाख रुपए थी। वहीं अटल जी के पैतृक निवास शिंदे की छावनी कमल सिंह का बाग की 2004 के समय कीमत 6 लाख रुपये थी।
वैसे तो अटल जी की वसीयत सामने नहीं आई है। लेकिन अगर बात करें 2005 में संशोधित हिन्दू उत्तराधिकार कानून की तो उसके अनुसार उनकी संपत्ति उनकी दत्तक पुत्री नमिता और दामाद रंजन भट्टाचार्य को मिलने की उम्मीद है।