'केजरीवाल ने पूर्वोत्तर के लोगों का अपमान किया है'
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दिल्ली में कार्यवाहक मुख्य सचिव शकुंतला गैमलिन की नियुक्ति को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच चले रहे विवाद में अब केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजीजू भी कूद पड़े हैं।
किरण ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने शकुंतला के व्यक्तित्व की हत्या करने की कोशिश की है। उनके इस कृत्य से पूर्वात्तर भारत के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंची है।
गृह राज्य मंत्री ने कहा कि शकुंतला की पहचान एक अच्छे अधिकारी की रही है। इस पूरे प्रकरण ने उनके व्यक्तित्व और कैरियर पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। अगर उनके खिलाफ कोई शिकायत थी तो आधिकारिक तौर पर सामने लाया जाना चाहिए था।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिस तरह से दिल्ली सरकार ने इस अधिकारी के साथ व्यवहार किया है उससे नॉर्थ ईस्ट के लोगों की भावनाओं को चोट पहुंची है।
बता दें कि दिल्ली सरकार के विरोध के बावजूद एलजी नजीब जंग ने शनिवार को शकुंतला डी गैमलिन को दिल्ली का कार्यवाहक मुख्य सचिव नियुक्त कर दिया था।
आप ने संविधान के अवहेलना का लगाया आरोप
किरण रिजीजू ने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री को अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री की तरह व्यवहार नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के लिए संविधान में विशेष प्रबंध किए गए हैं।
इस बीच आम आदमी ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि संविधान में ऐसा कोई कानून नहीं है जो यह कहता है कि एलजी के पास चुनी हुई सरकार की अनदेखी करते हुए फैसला लेने का अधिकार है।
आम आदमी पार्टी के नेता दिलीप पांडे ने कहा कि कोई भी संविधान से ऊपर नहीं है। दिल्ली के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति से समय मांगा है और इस पूरे मामले को उनके सामने पेश किया जाएगा।
केजरीवाल ने सार्वजनिक मंच से लगाया आरोप
हालांकि इसके जवाब में दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने एक बार फिर सार्वजनिक मंच से शकुंतला गैमलिन पर हमला किया। रविवार को दिल्ली के ऑटो वालों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार की एक सचिव हमारे मंत्री के पास आईं और एक लेटर पर साइन करने को कहा।
मंत्री ने जब पूछा कि यह कैसा पेपर है तो सचिव ने बताया कि यह कंफर्ट लेटर है। बाद में पता चला कि दिल्ली की बिजली कंपनियां बैंकों से 11000 करोड़ का कर्ज ले रही थीं। बैंक काो इसकी गारंटी चाहिए थी। मंत्री के साइन करने के बाद दिल्ली सरकार उन बिजली कंपनियों की गारंटर बन जाती।
केजरीवाल ने बताया कि अगर हमारे मंत्री ने उस पेपर पर साइन कर दिया होता तो कर्ज चुकता न करने पर बिजली कंपनियों के उस कर्ज को दिल्ली के लोगों को अपने जेब से भरना पड़ता।
केजरीवाल ने इस बहाने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र की सरकार और कांग्रेस के लोग दिल्ली में मिली हार से बौखलाए हुए हैं इसलिए वो हमारे काम में टांग अड़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
केजरीवाल ने कहा कि उस सचिव की नियुक्ति केवल दस दिन के लिए हुई है। इस दस दिन में कोई बड़ा घोटाला हो सकता है। लेकिन जब तक मैं हूं उन्हें कोई भी ऐसा काम नहीं करने दूंगा।