'किरण को BJP में लाना सोची-समझी रणनीति'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली के चक्रव्यूह में पिछले कई दिनों से आम आदमी पार्टी के सवालों में घिरी भारतीय जनता पार्टी का बचाव करते ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ ने एक अहम बात स्वीकार की है। आप आरोप लगाती रही थी कि किरण बेदी को भाजपा ने हार का ठीकरा फोड़ने के लिए पार्टी में मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाया है।
वहीं अब आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर ने एक लेख में स्पष्ट किया है कि भारतीय जनता पार्टी दिल्ली में अपनी वर्तमान स्थिति को लेकर बेहत चिंतित थी इसी वजह से उसने किरण बेदी को बीजेपी की मुख्यमंत्री उम्मीदवार के तौर पर प्रोजेक्ट किया।
आगे पत्र में लिखा है कि उन्हें दिल्ली में बीजेपी के खिलाफ माहौल के बारे में जानकारी मिल रही थी। जिस वजह से भारतीय जनता पार्टी को दिल्ली में मजबूत बनाए रखने के लिए किरण बेदी को बीजेपी ने दिल्ली में चेहरे के रूप में आगे किया।
किरण बेदी को मुख्यमंत्री के रुप में प्रस्तुत करने भाजपा के चुनावी कैम्पेन को मजबूती मिली और दिल्ली में पार्टी के लिए बनी नकारात्मक विचारों को पार्टी ने दूर करने की कोशिश की।
किरण बेदी के आने से मजबूत हुई भाजपा
हालांकि किरण बेदी को पार्टी में मुख्यमंत्री को तौर पर पेश करने से दिल्ली बीजेपी के नेताओं में नाराजगी भी केन्द्रीय नेतृत्व को झेलनी पड़ी जिसे दूर कर लिया गया। पत्र का कहना है कि वास्तविक रूप में किरण बेदी के पार्टी में आने से दिल्ली में बीजेपी को एक सकारात्मक ताकत मिली है। अब भाजपा स्टार कैम्पेनर और बूथ लेवल की चुनावी रणनीति दोनों से दिल्ली चुनाव में मजबूत हुई है।
पत्र ये भी लिखता है कि ओबामा के भारत दौरे और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विकासनीति से दिल्ली के चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को मदद मिलेगी। दिल्ली विकास चाहती है। इसमें कोई शक नहीं है कि दिल्ली वाले दिल्ली में विकास के लिए मोदीमैजिक का इंतजार कर रहे हैं। अन्तराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर होती छवि से दिल्ली चुनावों में भारतीय जनता पार्टी की स्थिति मजबूत हुई है।