मेरी कहानी है मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी: लक्ष्मी किन्नर
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विश्व पुस्तक मेले में बृहस्पतिवार को किन्नर लक्ष्मी भी पहुंचीं। वह अपनी किताब मी हिजड़ा, मी लक्ष्मी के लोकार्पण के मौके पर आई थीं। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस से प्रकाशित यह किताब ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता तथा फिल्मी कलाकार, लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी की जीवन गाथा है। कार्यक्रम में यूनाइटेड नेशंस प्रोग्राम ऑन एचआईवी एंड एड्स के निदेशक, स्टीव क्रॉस भी मौजूद थे।
पुस्तक की लेखिका लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने बताया कि उनकी यह आत्मकथा सबसे पहले मराठी में प्रकाशित हुई। उसके बाद गुजराती और अब अंग्रेजी में भी उपलब्ध है। इस पुस्तक में लक्ष्मी के बचपन से अब तक के सफर का वर्णन है। इस मौके पर लक्ष्मी ने कहा कि इस पुस्तक के माध्यम से वह समाज में प्रेम और सम्मान पाना चाहती हैं। समाज में उन्हें बराबरी का हक मिले जो एक सामान्य नागरिक को मिलता है।
ए डिजिटल लाइब्रेरी पर संगोष्ठी
एफ्रो एशियन बुक काउंसिल (एएबीसी) एवं राष्ट्रीय पुस्तक न्यास की ओर सेे बृहस्पतिवार को ए डिजिटल लाइब्रेरी विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें विशिष्ट अतिथि के रूप में वाणिज्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव दम्मु रवि उपस्थित थे। वक्ताओं ने देश की पुस्तकालय प्रणाली के संबंध में बातचीत की और पुस्तकालयों को डिजिटल करने में किए जाने वाले प्रयासों पर चर्चा की। साथ ही इसे समय की जरूरत भी बताया।
मेले में बृहस्पतिवार को मशहूर कलाकार सुकुमार बोस की पुस्तक ‘द आर्ट ऑफ सुकुमार बोस’ का लोकार्पण हुआ। कार्यक्रम का आयोजन नेशनल बुक डेवलपमेंट काउंसिल, सिंगापुर तथा आईएसईएएस प्रकाशन हाउस ने किया। इस मौके पर प्रो. देव एन. पाठक, सिंगापुर के उच्चायुक्त लिम चुआन कुआन भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि हमें भारत तथा सिंगापुर संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने पर प्रसन्नता है तथा इस अवसर पर इस प्रकार की पुस्तक का लोकार्पण निश्चित रूप से दोनों देशों के परस्पर संबंधों को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित होगा।