खालिस्तान हैंडलर सुख का साथी अमृतसर में पकड़ा गया
- पंजाब में रहने वाले दूसरे साथी की हुई पहचान
- गिरफ्तार शूटरों को विदेश में सैटल करवाने का दिया था आश्वासन
- सुख ने पंजाब व हरियाणा में काफी शूटर तैयार कर रखे हैं
- शौर्य चक्र विजेता की हत्या करने के बाद उत्तराखंड में छिपे थे
- सुख ही हथियार, रैकी व वाहन व सामान्य उपलब्ध करवाता था
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खालिस्तान हैंडलर सुख भिखारीवाल का एक साथी अमृतसर में पकड़ा गया है। दिल्ली पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए भिखारीवाल के साथी को पकड़ा है। इसके अलावा पंजाब में भिखारीवाल के दूसरे साथी की पहचान हुई है। उसे पकडने के लिए बृहस्पतिवार शाम तक पंजाब में छापेमारी की जा रही थी। पुलिस को जांच में ये बात भी सामने आई है कि भिखारीवाल ने पंजाब व हरियाणा में काफी गैंगस्टरों पर वारदात करवाने के लिए पकड़ बना रखी है। पंजाब व दिल्ली पुलिस भिखारीवाल के पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। वह जेल से निकलने वाले गैंगस्टर को अपने कब्जे में ले लेता था। दिल्ली पुलिस उत्तराखंड में भी छापेमारी कर रही है।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भिखारीवाल ने दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में मौजूद पंजाब के शूटर गुरदासपुर निवासी गुरजीत व सुखदीप उर्फ भूरा का कहा था कि वह शौर्च चक्र विजेता बलविंदर सिंह संधू की हत्या करने के बाद उन्हें विदेश में सैटल करवा दिया जाएगा। दोंनो को पासपोर्ट बनवाने के लिए कह दिया गया था। हालांकि सुख ने इनसे कई वारदात करवाई हैं और इन्हें खर्चे के लिए अभी तक दो लाख रुपये दिए हैं। भिखारीवाल ने शौर्य चक्र विजेता को मरने तक गोली मारने की बात कही थी। हालांकि सुख ने इनको नहीं बताया था कि बलविंदर सिंह संधू कौन है।
बलविंदर की हत्या करने के बाद ये लुधियाना व हरियाण में काफी दिन तक छिपकर रहे। इसके बाद ये बस से 18 नवंबर को रूद्धपुर, उत्तराखंड चले गए। यहां इन्होंने रेलवे स्टेशन के पास किराए पर कमरा लिया। यहां ये करीब 12 दिन रहे। इसके बाद ये आवास विकास कॉलोनी, रूद्धपुर में एक दिसंबर को रहने चले गए। इसके बाद ये दिल्ली आए। दिल्ली पुलिस ने जब इनको गिरफ्तार किया तो ये सितारगंज,उत्तराखंड जा रहे थे। इनके आवास विकास, रूद्धपुर स्थित घर में देकर पुलिस ने बाद में 18 कारतूस बरामद किए गए थे। ऐसे में दिल्ली पुलिस इनका दिल्ली के आवास उत्तराखंड कनेक्शन भी खंगाल रही है कि इन्होंने छिपने के लिए उत्तराखंड को क्यों चुना। क्या यहां भी किसी वारदात को अंजाम देना था।
भिखारीवाल बहुत ही शातिर तरीके से वारदात करवाता था
स्पेशल सेल की जांच में अभी तक ये बात सामने आई है कि भिखारीवाल बहुत ही शातिर तरीके से वारदात करवाता था। वह किसी की हत्या करने से पहले हथियार किसी और से मंगवाता था, रैकी किसी और से करवाता था, वारदात में इस्तेमाल वाहन किसी और से मंगवाता था। एक वारदात में कई लोगों की भूमिका होती थी, मगर भिखारीवाल किसी को आपस में मिलने नहीं देता था। अगर किसी में शामिल एक सदस्य को दूसरे सदस्य को सामान देना होता था तो वह जगह रखवा देता था। इसके बाद दूसरे सदस्य को कहता था कि सामान फलां जगह रखा हुआ है। शौर्यचक्र विजेता की हत्या इन शूटरों से करवाई थी, जबकि रैकी दूसरे गिरोह से करवाई थी।
पंजाब पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है
पंजाब पुलिस ने लोधी कॉलोनी स्थित स्पेशल सेल के कार्यालय में डेरा डाला हुआ है और लगातार शूटरों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस इनके बताने पर हर जगह दबिश दे रही है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश एटीएस की टीम भी इनसे पूछताछ करने स्पेशल सेल के कार्यालय पहुंची थी।