फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Khalistan Commando Force terrorist gursewak singh babla arrested, connection with Bhindranwala

भगोड़े आतंकी गुरसेवक की गिरफ्तारी का मामला, भाई की देखादेखी बाबला ने थामा था भिंडरावाले का हाथ

Thu, 14 Mar 2019 05:30 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Thu, 14 Mar 2019 05:30 AM IST
विज्ञापन
Khalistan Commando Force terrorist gursewak singh babla arrested, connection with Bhindranwala
Gursewak Singh Babla

पंजाब के लुधियाना निवासी खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का भगोड़ा आतंकी गुरसेवक उर्फ बाबला किसान परिवार में पैदा हुआ था। इसका बड़ा भाई स्वर्ण सिंह 1980 में पंजाब में चल रही आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। स्वर्ण सिंह ने जरनैल सिंह भिंडरावाले का हाथ थाम लिया। भाई की देखादेखी बाबला भी 1982 में जरनैल सिंह के साथ मिल गया। इस बीच 1984 में सेना ने ऑपरेशन ब्लू स्टार के तहत जरनैल सिंह भिंडरावाले को मार गिराया।

विज्ञापन


उसके काफी साथी पाकिस्तान भाग गए और वहां आईएसआई के साथ मिलकर भारत में आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गए। उस समय बाबला ने आतंकी मानवीर सिंह छेडू द्वारा बनाए गए नए आतंकी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का हाथ थाम लिया और आतंकी गतिविधियों में लिप्त हो गया।
विज्ञापन


इन गतिविधियों में रहा शामिल
1984 में बाबला ने अपने साथियों लाभ सिंह, गुरिंदर सिंह, स्वर्ण जीत सिंह व अन्य के साथ मिलकर जालंधर में हिंद समाचार पत्र के संपादक रमेश चंद्र की हत्या कर दी थी। इसके बाद लुधियाना पुलिस ने कार्रवाई कर कई आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया था, जबकि कई को ऑपरेशन ब्लू स्टार में मार गिराया था। लुधियाना पुलिस ने 1984 में बाबला को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन जयपुर कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी पंजाब पुलिस की कस्टडी से भीलवाड़ा रेलवे स्टेशन से फरार हो गया। इसके बाद 1986 में जालंधर में पंजाब के पूर्व डीजीपी जूलिओ रिबेरियो के घर पर आतंकी हमला कर दिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

आठ पुलिसकर्मियों की कर दी थी एक साथ हत्या

वर्ष 1986 में आरोपी गुरसेवक उर्फ बाबला ने अपने साथियों के साथ मिलकर केसीएफ चीफ जरनैल लाभ सिंह व आतंकी गुरिंदर पाल सिंह भोला को पुलिस कस्टडी से छुड़ाने के लिए जालंधर के कोर्ट परिसर में हमला कर दिया था। आरोपियों ने न सिर्फ दोनों को छुड़ा लिया, बल्कि हमले के दौरान पंजाब पुलिस के आठ जवानों की इन लोगों ने गोलीबारी के दौरान हत्या कर दी। इसके कुछ समय बाद ही 1986 में पंजाब पुलिस ने बाबला को दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इससे पूर्व इन लोगों ने पंजाब के एक थाने पर धावा बोलकर वहां से 16 रायफल,6 कारबाइन, कारतूस, दो रिवॉल्वर, पुलिस जीप व एक कार लूट ली थी। वहीं गिरफ्तारी से पूर्व आरोपियों ने एक ही परिवार के नौ लोगों की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। गिरफ्तारी के बाद उसे 1986 में दिल्ली की तिहाड़ जेल में हाई रिस्क वार्ड में बंद कर दिया गया। 2004 तक वह 18 साल जेल में बंद रहा।

तिहाड़ में होने के बावजूद चलाता रहा आतंकी गतिविधियां
जेल में बंद होने के बावजूद आरोपी बाबला आतंकी गतिविधियों में शामिल रहा। पाकिस्तान में बैठे आतंकियों की मदद से वह दिल्ली में बड़े हमले की साजिश रचता रहा। आरोपी ने पाकिस्तान से एके-47, विस्फोटक व अन्य सामान मंगाने शुरू किए। इसी कड़ी में 9 जुलाई, 1997 को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पंजाबी बाग से 18 किलोग्राम आरडीएक्स, एक एके-47, 100 कारतूस, दो पिस्टल, पांच मैगजीन, 130 कारतूस, आठ हैंड ग्रेनेड, 10 फ्यूज, चार एबीसीडी टाइमर्स बैट्री के साथ और डेटोनेटर्स बरामद हुए। इस मामले में बाबला की जेल में ही औपचारिक गिरफ्तारी की गई।

2004 में दोबारा तीस हजारी कोर्ट से हुआ फरार
वर्ष 2004 में तीस हजारी कोर्ट में पेशी के दौरान आरोपी पुलिस कस्टडी से दोबारा फरार हो गया। इस संबंध में दिल्ली के सब्जी मंडी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया, लेकिन कुछ ही दिनों बाद आरोपी को पुलिस ने लुधियाना इलाके से दबोच लिया। उसके खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट ने गैर-जमानती वारंट जारी कर दिया। 2010 में वह जेल से दोबारा बाहर आया। इसके बाद वह लगातार गिरफ्तार होता रहा और जमानत पर छूटता रहा। इस बीच वह पाकिस्तान में बैठे केसीएफ चीफ परमजीत सिंह पंजवाद के संपर्क में आया। आरोपी भारत में अपना संगठन खड़ा करना चाह रहा था। इस बीच 2017 में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने अवैध हथियार के मामले में आरोपी को दबोच लिया। बाद में वह रिहा होने के बाद कोर्ट नहीं आया। फिलहाल उसके खिलाफ दो मामलों में गैर-जमानती वारंट था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed