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आखिरकार कन्हैया कुमार के बाद उमर खालिद ने भी तोड़ी भूख हड़ताल, बिगड़ी तबीयत
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 10 May 2016 09:24 AM IST
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उमर खालिद
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तबीयत खराब होने के चलते जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्र उमर खालिद ने भूख हड़ताल तोड़ दी है। भूख हड़ताल के 12वें दिन तबीयत अत्यधिक बिगड़ने पर खालिद को एम्स में भर्ती किया गया, जहां कुछ घंटों के बाद हालत में सुधार होने पर उसे छुट्टी दे दी गयी है।
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जेएनयू छात्रसंघ के मुताबिक, उमर की हालत लगातार खराब हो रही थी, लेकिन वह भूख हड़ताल नहीं तोड़ना चाहता था। सोमवार को जब तबीयत अत्यधिक खराब हो गई तो उसे एम्स में भरती करना पड़ा। इसके बाद उसने भूख हड़ताल तोड़ दी।
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विश्वविद्यालय छात्रों के मुताबिक, उमर को मंगलवार को रायबरेली पहुंचना है। क्योंकि उसे वहां एक सभा में भाग लेने की अनुमति मिली हुई है। इसी के चलते उसने एम्स से खुद डाक्टरों को बोलकर छुट्टी ली है।
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तबीयत बिगड़ने पर कन्हैया ने भी छोड़ थी हड़ताल
कन्हैया कुमार एम्स में भर्ती
- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले तबीयत खराब होने के चलते जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार समेत सात छात्र भूख हड़ताल तोड़ चुके हैं। वहीं, कई अन्य छात्र रिले भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं।
बता दें कि कैंपस में नौ फरवरी को देश विरोधी नारे लगाने के मामले में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने कुल 21 छात्रों को दोषी माना था। इसमें से 20 छात्रों को देशविरोधी नारे लगाने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के चलते सजा मिली है।
जबकि देशविरोधी नारे लगाने वाले छात्रों के विरोध में सड़क बंद करने के चलते छात्रसंघ संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा को दस हजार का जुर्माना लगा है। छात्रसंघ समेत अन्य छात्र विवि प्रबंधन के फैसले और कमेटी द्वारा लगाए गए जुर्माने के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।
बता दें कि कैंपस में नौ फरवरी को देश विरोधी नारे लगाने के मामले में पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय कमेटी ने कुल 21 छात्रों को दोषी माना था। इसमें से 20 छात्रों को देशविरोधी नारे लगाने वाले कार्यक्रम में भाग लेने के चलते सजा मिली है।
जबकि देशविरोधी नारे लगाने वाले छात्रों के विरोध में सड़क बंद करने के चलते छात्रसंघ संयुक्त सचिव सौरभ शर्मा को दस हजार का जुर्माना लगा है। छात्रसंघ समेत अन्य छात्र विवि प्रबंधन के फैसले और कमेटी द्वारा लगाए गए जुर्माने के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठे हैं।