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निमिष प्रिया मामला: केंद्र सरकार अपील के लिए उठाएगी कदम, यमन में दी जा चुकी है मौत की सजा

Tue, 15 Mar 2022 08:42 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्रशांत कुमार Updated Tue, 15 Mar 2022 08:42 PM IST
सार

याचिका में केंद्र को पीड़ित परिवार के साथ बातचीत की सुविधा देने, यमन कानून के अनुसार खून का भुगतान करने और प्रिया को मौत की सजा से बचाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।

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Kerala Nimish Priya case Central government will take steps for appeal Nimish has been given death sentence in Yemen
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

केंद्र सरकार यमन में मौत की सजा पाई केरल की नर्स निमिष प्रिया को बचाने के लिए अपीलीय मंच के समक्ष अपील करने के लिए उचित कदम उठाएगी। निमिषा प्रिया को यमन की एक अदालत ने 2017 में एक स्थानीय निवासी की हत्या के आरोप में मृतदंड की सजा सुनाई है।

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न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा के समक्ष केंद्र की ओर से पेश अधिवक्ता अनुराग अहलूवालिया ने बताया कि भारत सरकार यमन में प्रचलित कानून के अनुसार अगले अपीलीय मंच के समक्ष अपील करने के लिए सभी सक्रिय कदम उठाएगी। अदालत ने उनके तर्क को स्वीकार करते हुए कहा कि विदेश मंत्रालय याचिकाकर्ता की यात्रा की सुविधा के लिए संबंधित कांउसलर से संपर्क करे और साथ ही जरूरत पड़ने पर दुभाषियों की मदद भी मुहैया कराए। इसी के साथ अदालत ने याचिका का निपटारा कर दिया। 
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केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने यह भी बताया कि यमन में मौजूद कांउसलर सहयोग करेंगे और विवाद को निपटाने के अपने उद्देश्य को आगे बढ़ाने के लिए पीड़ित परिवार के साथ बातचीत करने के इच्छुक व्यक्तियों की यात्रा की सुविधा प्रदान करेंगे। केंद्र ने अदालत को यह भी बताया कि वह प्रिया को जेल के अंदर उसके दैनिक खर्चों के लिए विविध राशि प्रदान कर रही है।
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अदालत ने कहा यमन में अपीलीय न्यायालय में अपील का एक रास्ता अभी भी खुला है। जहां तक पहली राहत का सवाल है उसे केंद्र ने मंजर कर लिया है लेकिन अदालत केंद्र को किसी भी हस्तक्षेप या वार्ता के लिए पार्टी बनने का आदेश नहीं दे सकती। न्यायालय ने कहा जहां तक भारत सरकार का संबंध है वह केवल याचिकाकर्ता को यमन में प्रचलित कानूनों के तहत न्यायिक सहायता को आगे बढ़ाने में सुविधा प्रदान करने के लिए ही कहा जा सकता है। याचिका में केंद्र को पीड़ित परिवार के साथ बातचीत की सुविधा देने और यमन कानून के अनुसार खून का भुगतान करने, प्रिया को मौत की सजा से बचाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
 

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