फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Kejriwal withdraw his decision to resign under pressure from the party and MLAs

Kejriwal: दो दिन बाद इस्तीफे के एलान का निकाले जा रहे मायने-मतलब, 'ये लोग' बना सकते हैं इस्तीफा न देने का दवाब

Sun, 15 Sep 2024 09:50 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Sun, 15 Sep 2024 09:50 PM IST
सार

भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। इन शर्तों के बाद वह सरकार नहीं चला पाते। 

विज्ञापन
Kejriwal withdraw his decision to resign under pressure from the party and MLAs
अरविंद केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इस्तीफा देने का एलान कर अरविंद केजरीवाल ने सियासी पासा तो फेंक दिया है। लेकिन दो दिन बाद इस्तीफा देने की घोषणा के कई मायने मतलब सियासी तौर पर निकाले जा रहे हैं। इसके पीछे की गुना-गणित पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। ऐसा इसलिए कि जेल जाने की शंकाओं की वजह से और जेल में रहते हुए केजरीवाल ने खुद सर्वे कराकर यह बताने की कोशिश की थी कि जनता ने जेल से सरकार चलाने की अनुमति दी है। विधायकों और पार्षदों से भी रायशुमारी कराई गई थी। सभी ने एकमत से इस्तीफा न देने की बात कही थी।

विज्ञापन

दो दिनों बाद कुर्सी छोड़ने के एलान ने कई प्रश्न खड़े कर दिए हैं, मसलन पार्टी और विधायकों के दबाव में फैसला वापस ना ले लें। पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर पूरा मुद्दा ही दूसरी ओर मोड़ दिया है। राजनीतिक मायने-मतलब की बात करें तो आम आदमी पार्टी और विधायक इस्तीफा नहीं देने का दबाव बना सकते हैं। इसके लिए वह सर्वे भी कराकर जनता के मत जानना चाहेंगे। क्योंकि जेल जाने से पहले मुख्यमंत्री ने सर्वे कराकर जेल से ही शासन करने का निर्णय लिया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

उधर, यह भी माना जा रहा है कि जमानत की जो शर्तें हैं, उससे सीएम की कुर्सी बेमानी प्रतीत हो रही थी। सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमानत देते हुए भी मुख्यमंत्री कार्यालय न जाने और किसी महत्वपूर्ण फाइल पर हस्ताक्षर न करने का आदेश दे दिया था।

विज्ञापन

केजरीवाल के पास अब कोई रास्ता नहीं बचा था : बिधूड़ी
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों के बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पास कोई रास्ता नहीं बचा था। इन शर्तों के बाद वह सरकार नहीं चला पाते। जमानत देते हुए साफ तौर से कहा गया था कि वह मुख्यमंत्री के रूप में काम नहीं कर सकते। सचिवालय में जाने पर रोक लगा दी गई और किसी फाइल पर हस्ताक्षर करने से भी रोक दिया गया और गिरफ्तारी को भी वैध बताया गया। इसलिए दिल्ली में सांविधानिक संकट की स्थिति पैदा हो गई थी और केजरीवाल के पास अब इस्तीफा देने के अलावा कोई चारा नहीं बचा। 

आम आदमी पार्टी ने केजरीवाल की जमानत के बाद जो जश्न का माहौल बनाया और इसे उनकी जीत बताया गया, उसकी भी हवा निकल गई है। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें जमानत तो दे दी लेकिन अब मुख्यमंत्री की कुर्सी उनके हाथ से निकल रही है। यह आशंका भी व्यक्त की है कि केजरीवाल के इस्तीफे की घोषणा सिर्फ दिखावा भी हो सकती है। विधायक दल की बैठक बुलाकर पद न छोड़ने की बात कर सकते है। उपराज्यपाल को इस्तीफा सौंपते हैं, तभी यह माना जाएगा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है क्योंकि उनके पास कोई और वैधानिक रास्ता भी नहीं बचा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed