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Delhi NCR News: ई-20 पेट्रोल को लेकर केजरीवाल ने केंद्र साधा निशाना
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आप संयोजक का आरोप- देश को प्रयोगशाला बनाकर लोगों पर थोपा जा रहा फैसला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (ई-20) मिश्रण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरे देश को प्रयोगशाला बनाकर लोगों पर जबरदस्ती ई-20 पेट्रोल थोप रही है। इससे वाहनों का माइलेज कम हो रहा है, इंजन और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंच रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र ने 30 जून को सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल के जरिए ई-20 पेट्रोल को एक प्रयोग बताया था, लेकिन बाद में इस बयान से पीछे हट गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए कहा कि अगर यह वास्तव में प्रयोग है तो इसे पहले सीमित संख्या में वाहनों पर लागू किया जाना चाहिए था।
केजरीवाल ने कहा कि देशभर से लोगों की शिकायतें मिल रहीं हैं कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज करीब 30 प्रतिशत तक कम हो रहा है। अगर माइलेज में इतनी कमी आ रही है तो इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमत भी उसी अनुपात में कम की जानी चाहिए। आप प्रमुख ने यह भी दावा किया कि कई वाहन मालिक इंजन, रबर पार्ट्स और अन्य पुर्जों के खराब होने व इंजन में जंग लगने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नीति को प्रयोग मानती है तो प्रभावित लोगों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। केजरीवाल ने भारत पेट्रोलियम के एक वरिष्ठ अधिकारी के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता कम होने के कारण माइलेज पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात सुने और इस फैसले पर पुनर्विचार करे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल (ई-20) मिश्रण को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरे देश को प्रयोगशाला बनाकर लोगों पर जबरदस्ती ई-20 पेट्रोल थोप रही है। इससे वाहनों का माइलेज कम हो रहा है, इंजन और अन्य पुर्जों को नुकसान पहुंच रहा है।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र ने 30 जून को सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल के जरिए ई-20 पेट्रोल को एक प्रयोग बताया था, लेकिन बाद में इस बयान से पीछे हट गई। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही का एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए कहा कि अगर यह वास्तव में प्रयोग है तो इसे पहले सीमित संख्या में वाहनों पर लागू किया जाना चाहिए था।
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केजरीवाल ने कहा कि देशभर से लोगों की शिकायतें मिल रहीं हैं कि ई-20 पेट्रोल के इस्तेमाल से वाहनों का माइलेज करीब 30 प्रतिशत तक कम हो रहा है। अगर माइलेज में इतनी कमी आ रही है तो इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की कीमत भी उसी अनुपात में कम की जानी चाहिए। आप प्रमुख ने यह भी दावा किया कि कई वाहन मालिक इंजन, रबर पार्ट्स और अन्य पुर्जों के खराब होने व इंजन में जंग लगने जैसी समस्याओं की शिकायत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इस नीति को प्रयोग मानती है तो प्रभावित लोगों को होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी भी तय की जानी चाहिए। केजरीवाल ने भारत पेट्रोलियम के एक वरिष्ठ अधिकारी के कथित बयान का हवाला देते हुए कहा कि इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता कम होने के कारण माइलेज पर असर पड़ना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की चिंताओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनकी बात सुने और इस फैसले पर पुनर्विचार करे।
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