प्रधानमंत्री मोदी जी, अरुण जेटली का साथ छोड़ दो: केजरीवाल
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वित्त मंत्री अरुण जेटली से दूर रहने की सलाह दी है। केजरीवाल के मुताबिक, प्रधानमंत्री जी को एक सलाह है कि वह जेटली जी का साथ छोड़ दें। नहीं तो एक दिन वह आपको डुबा देंगे। जेटली जी को न वोट मांगने जाना है, न चुनाव लड़ना है। दोनों चीजों के लिये प्रधानमंत्री जी आपको ही लोगों के बीच जाना है।
रविवार को अरविंद केजरीवाल एक्साइज ड्यूटी वापस लेने की मांग के साथ जंतर-मंतर पर ज्वेलर्स के प्रदर्शन में बोल रहे थे। इस मौके पर उन्होंने मोदी सरकार पर तीखा निशाना साधा।
दोपहर करीब सवा 1 बजे रैली में पहुंचे केजरीवाल ने कहा कि एक फीसदी एक्साइज ड्यूटी लगाकर केंद्र सरकार देशभर के सर्राफा व्यापारियों का गला घोंटने का काम कर रही है।
केजरीवाल ने रैली में प्रधानमंत्री के 2012 का वह ट्वीट भी पढ़ा, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर नरेंद्र मोदी ने एक्साइज ड्यूटी लगाने पर तत्कालीन यूपीए सरकार की आलोचना की थी।
'एक्साइड ड्यूटी बढने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा'
खुद को आधे राज्य का चौथाई मुख्यमंत्री बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि एक्साइज ड्यूटी लगाने से पहले प्रधानमंत्री को ज्वेलर्स से बात करनी चाहिए थी। जब वह भारत की पीठ में छुरा घोंपने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के गले मिल सकते हैं तो ज्वेलर्स से मुलाकात करने में क्या गुरेज है।
उन्होंने बताया कि एक्साइड ड्यूटी बढने से भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारियों को नई फाइलें तैयार करनी होगी। इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री पूरी दुनिया में कहते हैं कि भारत में आकर काम करो, लेकिन यहां के करीब 6 करोड़ स्वर्णकारों का गला घोंटा जा रहा है।
पीएम को पहले देश के बारे में सोचना चाहिए। बाद में विदेश की बात होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि इसके बारे में उन्होंने प्रधानमंत्री को चिट्ठी भी लिखी है।
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की इस मसले पर हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए केजरीवाल ने कहा कि राष्ट्रपति खुद मानते हैं कि एक्साइज ड्यूटी से कोई फायदा नहीं मिलेगा। 2012 में उनके वित्त मंत्री रहते हुए इसका प्रस्ताव आया था। लेकिन 22 दिनों की हड़ताल के बाद प्रणब मुखर्जी ने अपने फैसला वापस लिया था। वह आज भी इसके खिलाफ हैं।
केंद्र पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2012 में 22 दिनों तक चली हड़ताल से 16 हजार करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इस बार 32 दिनों से चल रही हड़ताल से स्वर्णकारों का 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा डूब गए हैं। दुकान बंद कर करीब 6 करोड़ स्वर्णकार सड़क पर हैं।
2012 में नरेंद्र मोदी कहते थे कि स्वर्णकार मशीनों से काम नहीं करते। उन्होंने सवाल किया कि अब 2016 में कौन-सी मशीनें आ गईं। स्वर्णकार अब भी हाथ से काम करता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भाजपा की नीतियां थोपने का आरोप लगाया।
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि देश के 10 उद्योगपतियों पर 7.30 लाख करोड़ रुपये का कर्ज है। दस लोगों के नाम गिनाते हुए उन्होंने बताया कि यं लोग न ही कर्ज वापस कर रहे हैं और न ही इस पर ब्याज दे रहे हैं। अगर, केंद्र सरकार इन्हीं 10 उद्योगपतियों के पीछे लग जाए तो एक्साइज ड्यूटी की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केजरीवाल के मंत्री ने मोदी को बताया बंदर
दिल्ली के कंझावला इलाके में रविवार को कंझावला में आयोजित किसान रैली में केजरीवाल के मंत्री संदीप कुमार अपनी मर्यादा भूल गए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर बंदर जैसे शब्द का इस्तेमाल किया। किसानों को संबोधित करते हुए संदीप कुमार ने कहा कि मोदी ऐसे बंदर हैं जो कि करते कुछ नहीं है लेकिन वह इधर-उधर कूदकर सिर्फ बातें करते रहते हैं।
संदीप कुमार ने कहा की मोदी ने आज तक सिर्फ बातें की लेकिन जनता के लिए कुछ नहीं किया है।