केजरीवाल बोले मैं दुखी हूं, इस गंदी लड़ाई में नहीं पड़ूंगा
आम आदमी पार्टी (आप) में छिड़े घमासान के बीच मुख्यमंत्री अरविंद केजरवील ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। नेताओं के आपसी झगड़े को गंदी लड़ाई बताते हुए उन्होंने इस पर दुख जाहिर किया है। साथ दिल्ली के लिए काम करने की बात कही है।
वहीं, सूत्र बता रहे है कि बुधवार की राष्ट्रीय कार्यकारिणी (एनई) की बैठक में केजरीवाल के शिरकत करने की उम्मीद नहीं है। खास बात यह कि आप ने एनई की बैठक में मीडिया की एंट्री प्रतिबंधित है। यहां तक कि बैठक की जगह बताने को भी पार्टी तैयार नहीं है।
उधर, सूत्र बता रहे हैं कि बुधवार की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राष्ट्रीय संयोजक केजरीवाल शामिल नहीं होंगे। इसकी बड़ी वजह उनकी खराब तबियत बताई जा रही है। लेकिन एनई की सबसे अहम बैठक में शामिल होने की केजरीवाल मंशा रणनीति तौर पर नहीं है।
मैं इस गंदी लड़ाई में नहीं पड़ूंगा
सूत्रों की मानें तो केजरीवाल आम लोगों को यह संदेश देना चाहते हैं कि पार्टी के सबसे बड़े फैसले तक में उनका शामिल रहना मायने नहीं रखता। वहीं, नैतिक रूप से वह प्रशांत भूषण और योगेंद्र यादव के खिलाफ वोटिंग करना नहीं चाहते।
इससे फैसले का सारा जिम्मा राष्ट्रीय कार्यकारिणी पर होगा। केजरीवाल ने ट्वीट में लिखते हैं कि 'पार्टी में जो कुछ भी हो रहा है, मैं उससे बहुत दुखी व आहत हूं।
दिल्ली की जनता ने हममें जो भरोसा जताया है, यह उससे धोखा है। मैं इस गंदी लड़ाई में नहीं पडूंगा, बल्कि दिल्ली में सरकार चलाने पर ध्यान दूंगा। जनता के भरोसे को किसी भी हालत में नहीं टूटने दूंगा।'