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केजरीवाल ने दी एक और सौगात, कल होगी घोषणा

Thu, 06 Feb 2014 08:34 AM IST
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
अखिलेश कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Thu, 06 Feb 2014 08:34 AM IST
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kejriwal government going to form welfare board for auto drivers

दिल्ली सरकार ऑटो-टैक्सी चालकों को वेलफेयर बोर्ड देने जा रही है। वेलफेयर बोर्ड चालक के बच्चों को 12वीं से ऊपर की पढ़ाई में सहायता राशि, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में अतिरिक्त लाभ के अलावा वाहन मालिक के मौत पर सहायता राशि देने की तैयारी में है।

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बोर्ड में शामिल होने के लिए एक बार पंजीकृत होना पड़ेगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार को बुलाई गई ऑटो-टैक्सी चालकों की जनसभा में इसकी घोषणा कर सकते हैं।
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सूत्रों के अनुसार एनसीआर के लिए 5500 परमिट सामान्य श्रेणी के चालकों को देने, पुराने ऑटो रिक्शा को रिप्लेसमेंट, ऑटो रिक्शा स्टैंड और 66/192 का ट्रैफिक पुलिस से अधिकार छीनकर वापस परिवहन विभाग को देने, एक गलती के लिए जुर्माना और वाहन बंद करने की दोहरी मार से मुक्ति की घोषणा भी केजरीवाल करके ऑटो-टैक्सी चालकों की वाहवाही लूट सकते हैं।
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इतना ही नहीं शाम को घर लौटते समय चालकों को दिक्कत न हो और वाहन फिटनेस के समय प्रशिक्षण पर लगाये गए 113 रुपये की फीस से छूट की घोषणा भी की जा सकती है।

ऑटो-टैक्सी चालकों का कल्याण करेगा बोर्ड
दिल्ली सरकार के सूत्र बताते हैं कि ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए वेलफेयर बोर्ड का गठन कर लिया गया है। कोशिश है कि खाता खोलने के बाद सरकार उसका एक करोड़ रुपये का फंड डालकर शुरुआत करे। बोर्ड में परिवहन आयुक्त, अतिरिक्त आयुक्त, एसटीए सचिव के अलावा ऑटो-टैक्सी संगठन के दो प्रतिनिधि भी होंगे।

बोर्ड चालक के लड़के को 12वीं से ऊपर पढ़ाई के लिए पांच हजार और लड़की के लिए 7000 रुपये की एकमुश्त सहायता देगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना में 30 हजार रुपये के साथ 10 हजार रुपये का अतिरिक्त बीमा, मृत्यु पर शुरुआत में पांच हजार रुपये व तीन महीने तक भी एक राशि दी जाएगी। इसके अलावा कई अन्य कल्याणकारी कार्य बोर्ड के माध्यम से होंगे। बोर्ड गठन की मांग कांग्रेस शासनकाल से चली आ रही थी।

एनसीआर के 5500 परमिट सामान्य श्रेणी के लिए ही होंगे
दिल्ली सरकार एनसीआर के लिए सात हजार में से 5500 परमिट शर्तें पूरी करने वाले आम चालकों को देगी। जबकि 1500 परमिट कारपोरेट कंपनी को दिए जाएंगे। कोर्ट ने स्वीकृति दे दी है। परमिट शर्तों में यह शामिल किया जाएगा कि यह ऑटो रिक्शा बॉर्डर पार जाएंगे।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस से अधिकार छीनने की भी है तैयारी
दिल्ली सरकार ने परमिट शर्तों(66/192) के उल्लंघन में चालान का अधिकार ट्रैफिक पुलिस को दिया है। 4500 रुपये के चालान के अलावा इसमें निर्धारित समय सीमा के लिए ट्रैफिक पुलिस गाड़ी भी बंद करती है। वर्तमान में दिल्ली सरकार और दिल्ली पुलिस के बीच चल रहे टकराव को देखते हुए इस शक्ति को ट्रैफिक पुलिस से वापस लेने की घोषणा भी केजरीवाल कर सकते हैं क्योंकि चालकों की यह मांग लंबे समय से चलती आ रही है।


शाम को घर लौटने और प्रशिक्षण शुल्क की मार
ऑटो रिक्शा चालकों को शाम के समय घर लौटने की छूट और फिटनेस के लिए जरूरी प्रशिक्षण में शुल्क की मार से बचाने की घोषणा की उम्मीद भी है। शाम को घर लौटते समय अगर चालक यात्री को मना करता है तो रिफ्यूजल का चालान कट जाता है। इसके लिए जोन में बांटकर कलर कोड की व्यवस्था पर काम चल रहा है।

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