केजरीवाल पर नहीं बचा रूपया, विधायकों को एक लाख का टारगेट
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दिल्ली में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) की फंडिंग का ग्राफ न्यूनतम स्तर पर है। कई कोशिशों के बावजूद पार्टी की झोली खाली है। आम लोग आप को चंदा देने के लिये आगे नहीं आ रहे हैं।
इससे उबरने के लिये पार्टी अपने विधायकों व आनुषंगिक संगठनों के सहारे फंड जुटाने जा रही है। सूत्र बताते हैं कि प्रत्येक विधायक व विंग को हर महीने करीब एक लाख रुपये जमा करने का निर्देश दिया है।
हालांकि, मासिक लक्ष्य पर पार्टी विधायकों व पदाधिकारियों से राय मशविरा भी कर रही है। दरअसल, दिल्ली विधानसभा चुनाव के वक्त आप को बड़ी मात्रा में लोगों से चंदा मिला था।
सरकार बनने के बाद नहीं मिल रहा चंदा
बीते साल 1 नवंबर तक पार्टी खाते में 22 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा आया था। पूरे चुनाव भर यह राशि बढ़ती है। लेकिन सरकार बनने के बाद इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई।
इसके लिये पार्टी ने कई बदलाव भी किये। नई टीम बनाने के साथ पार्टी ने देश-विदेश से चंदा जुटाने की जिम्मेदारी कुमार विश्वास को दी। लेकिन इसका खास असर नहीं पड़ा।
पार्टी फंड में रोजाना हजारों की राशि भर ही आ रही है। एक दिन में रविवार देर शाम को भी 16 लोगों से आप को सिर्फ 6,380 रुपये चंदा मिला है। दूसरी तरफ पंजाब चुनाव के लिये आप को फंड की जरूरत है।
विधायक आम लोगों से चंदा लेकर पार्टी फंड को देंगे
माना जा रहा है कि पार्टी का नया निर्देश इसी कड़ी का हिस्सा है। दूसरी तरफ एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक, पार्टी आम लोगों के पैसे से चल रही है। विधायक आम लोगों से चंदा लेकर पार्टी फंड को देंगे।
लेकिन फंड जुटाने का कोई एक पैमाना नहीं रखा गया है। ग्रेटर कैलाश व त्रिलोकपुरी की आर्थिक स्थिति में फर्क है। दोनों विधानसभाओं के लिये एक सा लक्ष्य नहीं रखा जा सकता। इसके लिये विधायकों से बातचीत की जा रही है।
अंतिम लक्ष्य विधायकों के राय-मशविरे पर ही तय होगा। कुछ लोग हर महीने एक से सवा लाख रुपये देने को तैयार हो गए हैं। वहीं, कुछ की क्षमता एक लाख या इससे कम है। इसका पूरा ब्योरा पारदर्शी होगा। पार्टी की ऑफिशियल वेबसाइट पर इसे जारी भी किया जाएगा।
सूत्र बताते हैं कि पार्टी ने अपने सभी विधायकों के अलावा महिला विंग, ट्रेड विंग, जेजे सेल, डॉक्टर सेल, पूर्वांचल प्रकोष्ठ, यूथ विंग समेत करीब 18 आनुषांगिक संगठनों के लिए निर्देश जारी किया है। पार्टी का मानना है कि इससे पार्टी का हर महीने करीब एक करोड़ रुपये का चंदा मिलता रहेगा।