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अब फूंक-फूंक कर राजनीति में आगे कदम बढ़ाएगी AAP, फीडबैक के बाद लिया फैसला
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 28 May 2017 10:26 AM IST
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केजरीवाल-सिसोदिया।
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब के बाद दिल्ली नगर चुनाव में उम्मीद के विपरित का झटका खा चुकी आम आदमी पार्टी अब आगे राजनीति कदम फूंक फूंककर उठाएगी। इसके लिए आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल राजनीति की आगामी पारी खेलने को लेकर स्वयं जमीनी हकीकत से रुबरु हो रहे हैं।
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इस कड़ी में उन्होंने अपने करीब हर विधायक को दो से चार बार बुलाकर हार का कारण जानने का फीड बैक लिया। इसके आधार पर ही आगामी निर्णय लेने के अलावा संगठन में फेरबदल पर विचार किया जाएगा।
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पार्टी सूत्रों की मानें तो आने वाले समय में बदले-बदले से सरकार नजर आएंगे। पंजाब व एमसीडी चुनाव के बाद अपने विधायकों को जनता से मिलने का निर्देश देने के बाद केजरीवाल ने वन टू वन मीटिंग अधिकांश विधायकों के साथ कर बेबाक तरीक से फीड बैक लदेने को कहा गया।
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इसमें अभी तक प्रधानमंत्री को हर चीज में दोषी ठहराने, ईवीएम पर हार का दोष मढने,केजरीवाल का दिल्ली छोड़कर दूसरे राज्यों में प्रचार को जाने सहित कुछ मामलों को लेकर विधायकों ने निगेटिव फीड बैक दिया है।
पार्टी सूत्रों की मानें तो कुछ दिन पहले तक विधायकों के लिए गए फीड बैक में पहले उनकी राय मांगी गई फिर उनसे जनता के फीड बैक के साथ मिलने को कहा गया। इसके बाद भी जनता में भी अलग-अलग वर्ग की राय के साथ मिलने को कहा गया।
विधायकों द्वारा यह भी बताया गया कि काम तो दिल्ली सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य या अन्य क्षेत्र में किया लेकिन उसे सही तरीके से जनता के सामने रखने में कामयाब नहीं हुए।
केजरीवाल सरकार ने जनता से नहीं किया सही तरीके से कम्यूनिकेट
सिसोदिया-केजरीवाल।
- फोटो : फाइल फोटो
इसी तरह से मोदी सरकार के दिल्ली सरकार के खिलाफ जानबूझकर लिए गए निर्णय को भी जनता के बीच सही ढंग से कम्यूनिकेट नहीं किया गया। विधायकों व कार्यकर्ताओं से मिले फीड बैक के आधार पर केजरीवाल ने फिर से जनता के बीच जाकर संपर्क करना शुरू कर दिया है। बताया जाता है कि इसी आधार पर संगठन में भी फेरबदल किया जाएगा।
केजरीवाल की कुछ दिनों से चुप्पी भी नई रणनीति पर पूरी तरह से काम शुरू तक रहेगी। दूसरी ओर यह भी तय किया गया है कि जिस राज्य में कांग्रेस और भाजपा मौजूद है वहां पर ही आप अपनी संभावना तलाशेगी। जिसमें आने वाले समय में गुजरात, राजस्थान व मध्य प्रदेश में पार्टी अपनी किस्मत भी आजमाएगी। मध्य प्रदेश के 51 जिलों में से 27 जिलों में अभी तक किसान यात्रा निकाली गई है जिसमें जनता के बीच अच्छा रेस्पॉंस देखने को मिला है।
केजरीवाल की कुछ दिनों से चुप्पी भी नई रणनीति पर पूरी तरह से काम शुरू तक रहेगी। दूसरी ओर यह भी तय किया गया है कि जिस राज्य में कांग्रेस और भाजपा मौजूद है वहां पर ही आप अपनी संभावना तलाशेगी। जिसमें आने वाले समय में गुजरात, राजस्थान व मध्य प्रदेश में पार्टी अपनी किस्मत भी आजमाएगी। मध्य प्रदेश के 51 जिलों में से 27 जिलों में अभी तक किसान यात्रा निकाली गई है जिसमें जनता के बीच अच्छा रेस्पॉंस देखने को मिला है।