फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   kathua-Unnao rape case- Remembrance of Nirbhaya movement, Swati Maliwal Support political party

जनआक्रोश से निर्भया आंदोलन की याद ताजा, स्वाति मालीवाल को मिल रहा हर वर्ग का समर्थन

Tue, 17 Apr 2018 11:13 AM IST
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली
विजय सिंघल/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 17 Apr 2018 11:13 AM IST
विज्ञापन
kathua-Unnao rape case- Remembrance of Nirbhaya movement, Swati Maliwal Support political party

राजधानी सहित देशभर में बच्चियों से रेप की घटनाओं को लेकर चल रहे आंदोलन ने एक बार फिर निर्भया रेप घटना और उसके विरोध में हुए आंदोलन की याद ताजा कर दी। कानून में संशोधन हुआ, लेकिन उस पर पूरी तरह से अमल न होने के कारण ही आंदोलन पुन: शुरू हो गया है। राजधानी में आंदोलन की बागडोर दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने संभाली है। 

विज्ञापन


दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष बनते ही मालीवाल ने रेप पीड़ितो के अलावा एसिड पीड़ित, बच्चियों व महिलाओं को बंधक बनाकर काम करवाने, जबरन देह व्यापार के खिलाफ अभियान शुरू कर रखा है।
विज्ञापन


हाल ही में उन्होंने एक माह का रेप रोको अभियान चलाकर लोगों को जागरूक ही नहीं किया, बल्कि करीब 50 हजारों लोगों के हस्ताक्षर करवाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन देकर बच्चियों से रेप करने वालों को फांसी की सजा व मामलों के जल्द निपटारे के लिए मांग रखी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अभी कानून में संशोधन पर बात चल ही रही है कि उन्नाव व कठुआ रेप मामलों में देश को फिर हिलाकर रख दिया। स्वाति राजघाट पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गईं । उन्हें व्यापारी, सामाजिक संगठनों के अलावा हर पार्टी का भी समर्थन मिल रहा है। लोग पार्टी से ऊपर उठकर उनके अनशन को समर्थन दे रहे हैं। हर किसी के मन में बच्चियों से रेप के आरोपियों के प्रति घृणा है और वे अपनी बच्चियों के भविष्य के प्रति चिंतित हैं।

समता स्थल पर आप पार्टी के अलावा भाजपा व कांग्रेस के कार्यकर्ता भी नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि वे किसी पार्टी के प्रतिनिधि नहीं, बल्कि एक बेटी के बाप या मां के रूप में आए हैं। आज वे चिंतित हैं कि जब वे काम पर जाते है तो क्या उनकी बेटी स्कूल या घर पर सुरक्षित है या नहीं।


उनका मानना है कि ऐसे आरोपियों के प्रति कड़ा रुख अपनाया जाना चाहिए और कानून में ऐसा प्रावधान हो कि ऐसा अपराध करने वाला अपराध करने से डरे।  वसंत विहार गैंगरेप के आरोपियों को सजा मिल चुकी है, लेकिन सजा पर अमल नहीं हो सका। इसका सीधा का कारण है कि कानून में ऐसी खामियां है, जिसका फायदा दोषी उठाते है। इन खामियों को दूर किया जाना जरूरी है, ताकि बच्चियां सुरक्षित हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed